राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष मेजर जनरल आलोक राज ने रीट भर्ती परीक्षा के बदले हुए पेपर पैटर्न और अभ्यर्थियों के सवालों के स्तर को लेकर NDTV से खास बातचीत की. उन्होंने कहा, "पटवारी भर्ती परीक्षा के वक्त हमसे कई अभ्यर्थियों ने कहा था कि परीक्षा का स्तर बहुत कम रहा. ऐसा लगा मानो गधे घोड़े एक कर दिए हों."
"रटे सवाल नहीं पूछे जाएंगे"
उन्होंने कहा, "अभ्यर्थियों की फीडबैक के आधार पर ही बोर्ड ने तय किया है कि अब परीक्षा के पेपर पैटर्न में बदलाव होंगे. हमारा उद्देश्य है कि रटे हुए सवाल पूछने की बजाय लॉजिकल सवाल पूछे जाएं. ऐसे सवाल पूछे जाएं, जिनसे अभ्यर्थी को थोड़ा दिमाग का इस्तेमाल करना पड़े. इसी को लेकर हमनें यह तय किया है कि अब परीक्षा का पैटर्न बदला जाएगा. अब ऐसे ही सवाल पूछे जाएंगे."
"रीट में सवालों का स्तर बढ़ाया गया"
उन्होंने कहा कि इसी को लेकर रीट भर्ती परीक्षा में सवालों का स्तर बढ़ाया गया है. आगे आने वाले पेपर में ऐसे ही सवाल आएंगे, जो अभ्यर्थी तैयारी करके आए हैं. उन्हें यह आसान लगा, जिन्होंने तैयारी नहीं की उनकी आपत्तियां आई हैं.
"सबको बोलने की आजादी है"
चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा में ओएमआर बदले जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि इस तरह की बात आई है. लोग कह रहे हैं कि 10 हजार ओएमआर बदल दी, ऐसा नहीं है. सबको बोलने की आजादी है, लेकिन हमनें पारदर्शी रूप से परीक्षा करवाई है. इस बार परीक्षा परिणाम में भी सारी डिटेल दी गई है. अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, उसके प्राप्तांक सभी डिटेल दी गई है, इसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाना ही है.
उन्होंने कहा, "फिर भी मैं कहूंगा कि 10 हजार की बात कर रहे हैं. 10 ऐसे केस ढूंढकर ला दिए जाए, जिनमें ऐसी धांधली हुई हो."
नॉर्मलाइजेशन तय फॉर्मूला के जरिए हुआ
उन्होंने नॉर्मलाइजेशन पर कहा कि एक तय फार्मूला के जरिए ही यह किया गया है. इसका उद्देश्य है हर शिफ्ट से करीब 6 हजार बच्चों का चयन हो. नॉर्मलाइजेशन के जरिए सभी शिफ्ट से हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाती है. हर अभ्यर्थी की एक कॉमन मेरिट लिस्ट बनाने का प्लान रहता है. हर लिस्ट में उसी हिसाब से मार्क्स घटते बढ़ते हैं. इसलिए जो भी अभ्यर्थी हर शिफ्ट में टॉप 9 हजार में रहे. उन्हीं का चयन हुआ है. इसमें सभी वर्गों को तय फार्मूले से प्राथमिकता दी गई है.
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