Jaipur News: राजस्थान विश्वविद्यालय का परिसर एक बार फिर सियासत का अखाड़ा बन गया है. यूनिवर्सिटी के संविधान पार्क में शुक्रवार शाम आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मातृशक्ति संवाद कार्यक्रम (Matrushakti Event) को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मोर्चा खोल दिया है. एबीवीपी ने प्रोग्राम से कुछ घंटे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) पर जमकर हमला बोला और साफ कर दिया कि महिला सम्मान से जुड़े इस कार्यक्रम में किसी भी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
'NSUI के लिए लॉन्चिंग पैड बना संघ का विरोध'
एबीवीपी के राष्ट्रीय प्रतिनिधि भारत भूषण यादव ने प्रेस वार्ता में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई, संघ के कार्यक्रमों को अपने नेताओं के लिए लॉन्चिंग पैड की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले भी RSS के एक कार्यक्रम का विरोध करने का इनाम विनोद जाखड़ को मिला और उन्हें एनएसयूआई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया. एबीवीपी का मानना है कि विरोध की यह राजनीति सिर्फ पद पाने का एक जरिया बन गई है.
राहुल और प्रियंका गांधी पर सीधा निशाना
भारत भूषण ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिन्हें बब्बर शेर बताते हैं, वे मुश्किल वक्त में मैदान छोड़कर भाग जाते हैं. वहीं, प्रियंका गांधी के मशहूर नारे 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जब विश्वविद्यालय में महिलाओं के सम्मान और संवाद का कार्यक्रम हो रहा है, तो कांग्रेस नेतृत्व आखिर चुप क्यों है? क्या उनका यह नारा सिर्फ चुनावी रैलियों तक सीमित है?
'अनुमति ली है, फीस भरी है; फिर विरोध क्यों?'
एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि मातृशक्ति वंदन कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से विधिवत अनुमति ली गई है और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा किया गया है. भारत भूषण ने कहा कि जब सब कुछ नियम के अनुसार हो रहा है, तो एनएसयूआई को इससे परेशानी क्यों है? उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि एनएसयूआई इस कार्यक्रम का विरोध करने की कोशिश करती है, तो एबीवीपी इसके समर्थन में मजबूती से खड़ी रहेगी और मुंहतोड़ जवाब देगी.
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अपराध और दलित मुद्दों पर भी NSUI को घेरा
प्रेस वार्ता के दौरान एबीवीपी ने एनएसयूआई के पदाधिकारियों पर लगे आपराधिक मामलों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने सवाल किया कि दलित युवक की हत्या जैसे गंभीर मामलों पर एनएसयूआई के नेता चुप्पी क्यों साध लेते हैं? एबीवीपी ने आरोप लगाया कि छात्र हितों की बात करने वाला संगठन खुद आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है और अब महिला संवाद जैसे पवित्र कार्यक्रम में बाधा डालने की साजिश रच रहा है.
फिलहाल, आज शाम होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर राजस्थान विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं.
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