Rajasthan News: राजस्थान में ऑनलाइन शॉपिंग और फूड डिलीवरी का चलन तेजी से बढ़ा है. हर दिन हजारों डिलीवरी बॉय घरों तक पहुंचते हैं. लेकिन अब जयपुर में सामने आई एक जांच ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग डिलीवरी बॉय बनकर शहर में घूम रहे हैं.
16,500 गिग वर्कर्स का हुआ सत्यापन
सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया. करीब 16,500 गिग वर्कर्स का पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया. इसमें अमेजन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो, स्विगी और मिंत्रा जैसी कंपनियों से जुड़े डिलीवरी बॉय शामिल थे. जांच के दौरान 38 लोगों के खिलाफ पुराने आपराधिक मुकदमे पाए गए.
चोरी और मारपीट के मामले आए सामने
जिन 38 गिग वर्कर्स के खिलाफ रिकॉर्ड मिला है, उनमें चोरी, नकबजनी और मारपीट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिलीवरी बॉय सीधे घरों के अंदर तक पहुंचते हैं. ऐसे में उनका चरित्र सत्यापन बेहद जरूरी है.
डीसीपी का बयान
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि डिलीवरी कर्मी अक्सर अकेले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के संपर्क में आते हैं. इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई आपराधिक मानसिकता वाला व्यक्ति इस काम में शामिल न हो. कंपनियों से पूरा डाटा मंगवाकर जांच की गई है.
निगरानी और आगे की कार्रवाई
जिन गिग वर्कर्स का आपराधिक बैकग्राउंड मिला है, उन पर पुलिस निगरानी रख रही है और पाबंद किया जा रहा है. संबंधित कंपनियों को भी सूचना दी गई है ताकि वे अपने स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई करें.
पूरे शहर में चलेगा अभियान
फिलहाल शुरुआती चरण में 16 हजार से ज्यादा डिलीवरी बॉय का सत्यापन हुआ है. आने वाले दिनों में पूरे जयपुर शहर में बड़े स्तर पर पुलिस वेरिफिकेशन अभियान चलाया जाएगा. पुलिस का मानना है कि यह कदम भविष्य में किसी बड़ी वारदात को रोकने में मददगार साबित होगा.
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