Rajasthan News: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा शहर में पुलिस ने दिनदहाड़े चोरी की वारदातों का बड़ा खुलासा किया है. कौशल्या नगर में हुई नकबजनी के मामले में पुलिस ने भंगार के बहाने घूमने वाले गिरोह को पकड़ लिया. चोरी का माल बरामद करने के लिए पुलिस को 150 फीट गहरे अंधेरे कुएं तक उतरना पड़ा.
भंगार के बहाने करते थे रेकी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू उर्फ कालू बागरी निवासी अजमेर और राहुल बावरी निवासी भीलवाड़ा के रूप में हुई है. इनके साथ एक नाबालिग भी शामिल था. यह गिरोह दिन के समय गलियों में भंगार इकट्ठा करने का नाटक करता था. असल में ये लोग बंद पड़े घरों की पहचान कर वारदात को अंजाम देते थे.
150 फीट गहरे कुएं से बरामद हुआ माल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के दौरान मिली आर्टिफिशियल ज्वैलरी को बेकार समझकर 150 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया था. पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद कुएं में उतरकर वह सामान बरामद किया.
असली गहने सुनार को बेचे
चोरी किए गए सोने के गहनों में करीब 4 तोला चूड़ियां और 2 तोला कान की बालियां शामिल थीं. इन्हें नीमकाथाना के सुनार सूयज राजपूत को बेच दिया गया था. पुलिस ने सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया है.
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस की सख्त पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग केवल निम्बाहेड़ा तक सीमित नहीं था. दिल्ली, गुरुग्राम, उज्जैन, रतलाम, इंदौर, भीलवाड़ा और अजमेर सहित कई शहरों में 15 से अधिक वारदातें करने की बात कबूल की है. निम्बाहेड़ा क्षेत्र में पिछले तीन महीनों में चार बड़ी चोरियां इन्होंने की थीं.
सीसीटीवी और मुखबिरों से मिली सफलता
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के निर्देशन में बनी टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों को सीकर जिले के नीमकाथाना से गिरफ्तार किया. पुलिस अब गैंग से जुड़े अन्य मामलों की जांच कर रही है.
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