
Rajasthan News: राजस्थान के सीकर जिले में शनिवार सुबह कर्फ्यू जैसे हालात नजर आए. सीकर शहर, लोसल, खुड व धोद सहित जिले के कई कस्बों में दुकानें नहीं खुलीं. सड़कों पर सन्नाटा पसरा था. जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती थी. इसकी वजह इंडी गठबंधन के बैनर तले बनी संघर्ष समिति है, जिसने सीकर से संभाग का दर्जा खत्म होने के साथ नीमकाथाना जिला निरस्त होने के विरोध में बंद का आह्वान किया.
चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती
बंद समर्थकों का कहना है कि राज्य सरकार सीकर संभाग व नीमकाथाना जिले को यथावत रखे. जब तक मांगे नहीं मानी जाएगी, तब तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा. सीकर बंद को देखते हुए जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की ओर से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. एतिहात के तौर पर पूरे सीकर शहर में चप्पे चप्पे पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है और पुलिस के अधिकारी अलग-अलग टीम बनाकर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं. बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह से बंद से बाहर रखा गया है. रोडवेज बसों का संचालन पर भी रोक नहीं लगाई गई है.

सीकर में जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती.
Photo Credit: NDTV Reporter
6 जनवरी के बाद होगी बड़ी जनसभा
संघर्ष समिति के सदस्य अभिभाषक संघ सीकर के अध्यक्ष भागीरथ मल जाखड़, जिला कांग्रेस कमेठी की अध्यक्षा सुनिता गठाला तथा पूर्व विधायक व मॉर्क्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी के जिला सचिव पेमाराम तीनों ने मिलकर संयुक्त बयान जारी कर बताया कि सीकर को संभाग व नीमकाथाना को जिला निरस्त करने के विरोध में आज पहले चरण में सीकर बंद का एलान किया है. इसके बाद दूसरे चरण में उपखंड कार्यालय पर 7 जनवरी को प्रदर्शन कर मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा. वहीं संघर्ष समिति की ओर से आंदोलन को जन आंदोलन बनाने के लिए गांव-गांव ढाणी ढाणी तक आम जन से संपर्क किया जाएगा. 6 जनवरी के बाद जिले में सीकर संभाग स्तर की बड़ी सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें सीकर, चूरू, झुंझुनूं व नीमकाथाना जिले के जनप्रतिनिधि और आमजन की सहभागिता रहेगी.
ये भी पढ़ें:- जयपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, आज सुबह 11 बजे अजमेर दरगाह में चढ़ाएंगे पीएम मोदी से मिली चादर