Chomu News: चौमूं में बैंक ग्राहक सेवा केंद्र और फ्रेंचाईजी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक युवक को सामोद थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान 19 वर्षीय संजय सैनी के रूप में हुई है, जिसे चौमूं से दबोचा गया. पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को विभिन्न बैंकों का नोडल अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करता था और उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड की रकम की निकासी करता था.
उप महानिरीक्षक पुलिस राशि डोगरा डूडी ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को मोरिजा निवासी कुशाल सैनी ने थाना सामोद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. परिवादी ने बताया कि एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए उसे बैंक ग्राहक सेवा केंद्र की फ्रेंचाईजी दिलाने का संदेश मिला. संपर्क करने पर आरोपी ने खुद को ऑल राजस्थान में फ्रेंचाईजी आवंटन का नोडल अधिकारी बताया और प्रति बैंक 3 हजार रुपये फीस तय की.
18 हज़ार रुपये लेकर की ठगी
आरोपी ने परिवादी से 18 हजार रुपये, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लिए और अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाए. इन खातों का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी आरोपी ने अपने नियंत्रण में रखी, साथ ही पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड भी अपने पास रख लिए. बाद में खातों में साइबर फ्रॉड की राशि आने की जानकारी मिलने पर बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया. जब परिवादी ने फ्रेंचाईजी के दस्तावेज मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा और बाद में संपर्क तोड़ लिया.
खतों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर
जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर और निकासी के लिए किया जा रहा था. प्रकरण दर्ज होने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनियां और डीएसपी गोविंदगढ़ राजेश जांगिड़ के सुपरविजन में थानाधिकारी सामोद गोपीचंद के नेतृत्व में टीम गठित की गई. बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका प्रमाणित होने पर 15 जनवरी 2026 को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया.
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