
राजधानी जयपुर डेंगू का हॉटस्पॉट बनता हुआ नज़र आ रहा है, यहां हर रोज़ डेंगू और मलेरिया के मरीज़ों की तादाद लगभग 200 तक पहुंच रही रही है. मरीज़ों की हर रोज़ हो रही बढ़ोतरी से चिकित्सा विभाग भी चिंतित है. हालांकि प्रशासन की ओर से डॉक्टर और मेडिकल टीम अलर्ट मोड पर है. पहले जहां प्रतिदिन 1200 से 1300 ओपीडी कैसे आते थे तो वहीं इनकी तादाद बढ़कर 1400 से 1600 तक पहुंच गई है.
इनमें से गंभीर मरीजों की संख्या जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाता है उनकी संख्या 100 से 150 के करीब है. डेंगू की वजह से हर रोज़ मौतें भी हो रही हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बढ़ती मरीजों की संख्या देखते हुए ब्लड बैंक में ब्लड की व्यवस्था भी की गई है.
प्रदेश में मानसून के सीज़न में में अक्सर मौसमी बीमारियों के बढ़ने का खतरा बना रहता है, हालांकि इस बार मानसून में बरसात हर बार की तुलना में उतनी अच्छी नहीं हो पाई लेकिन बीते दिनों हुई बारिश के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर, बारिश के रुके हुए पानी के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ने से राजधानी सहित प्रदेश के हर हिस्से में डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं.
कैसे करें बचाव
एसएमएस अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया कि डेंगू से बचने के लिए तरल पदार्थ का अधिक से अधिक सेवन करें,पौष्टिक भोजन लें ,फुल आस्तीन वाले कपड़े पहने, सुबह और शाम के समय पार्कों में जाने वाले लोग विशेष ध्यान रखें, क्यूंकि घास की वजह से मच्छर पनपते हैं.
बच्चों का ख़ास ख़्याल रखे क्योंकि डेंगू मच्छर साफ सुथरी जगह रहता है इससे स्कूल जाने वाले बच्चों को खतरा है बच्चों को फुल आस्तीन वाले कपड़े पहनाए, उल्टी, दस्त,सर दर्द और बुखार के लक्षण पाए जाने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.