
राज्य में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश भर में 5 सितंबर तक डेंगू के 3303 मामले दर्ज किए गए है. इनमें सबसे ज्यादा मामले राजधानी जयपुर के थे. जयपुर में डेंगू के मरीजों की संख्या 674 पहुंच गई है. बारिश के मौसम के बाद मौसमी बीमारियों का असर दिख रहा है. डेंगू के साथ-साथ मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है. मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कई अभियान चलाए हैं.
'हमारा स्वास्थ्य, हमारी जिम्मेदारी' अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने 'हमारा स्वास्थ्य, हमारी जिम्मेदारी' नामक अभियान के दूसरे चरण के लिए चार लाख से ज्यादा टीमें बनाई हैं. विभाग के मुताबिक इन टीमों ने राज्य के 1 करोड़ से ज्यादा घरों की जांच की है. इनमें डेढ़ लाख से ज्यादा घरों में लार्वा पाया गया है. ऐसे घरों में लोगों को अलर्ट करने के साथ-साथ आसपास के इलाकों में फॉगिंग कराई जा रही है. इसके साथ ही सभी जिला कलेक्टर को कॉर्डिनेट के लिए निर्देशित किया गया है. साथ ही अस्पतालों को भी डेंगू मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड बनाने के आदेश दिए गए हैं.
ब्लड की पड़ रही भरी कमी
राज्य के सबसे बड़े अस्पताल SMS अस्पताल ने भी इसके लिए तैयारी की है. जयपुर में रिपोर्ट किये मामलों में से आधे मरीजों का इलाज SMS अस्पताल में ही हुआ है. अस्पताल के अधीक्षक अचल शर्मा ने बताया कि डेंगू में प्लेटलेट्स घटने की वजह से ब्लड की काफी जरूरत पड़ती है. हमने इसके लिए ब्लड बैंक को पर्याप्त ब्लड उपलब्ध कराने को कहा है, साथ ही कैम्पों के जरिए ब्लड एकत्रित करने पर भी जोर दिया है. साथ ही अस्पताल में एक डेडिकेटेड ICU भी शुरू किया है.
केस मिलने पर आप -पास के मोहल्ले में करते है फॉगिंग
जयपुर के सीएमएचओ सुरेंद्र कुमार गोयल ने बताया कि हमें अगर किसी भी घर में लार्वा मिलता है, तो हम आसपास के 50 घरों में जांच करते हैं. नगर निगम से कह कर पूरे मुहल्ले में फॉगिंग कराते हैं. डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता अभियान जारी है। कलेक्टर की द्वारा बनाई कमेटी के माध्यम से स्थिति पर पूरी नजर बनी हुई है.
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