
World Heritage Committee: देश की राजधानी दिल्ली में पहली बार विश्व धरोहर समिति का आयोजन किया जा रहा है. नई दिल्ली के भारत मंडपम में 21 जुलाई से 31 जुलाई 2024 तक चलने वाले विश्व धरोहर समिति के 46वें सत्र में राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शिरकत की. उन्होंने यहां अपना संबोधन देते हुए कहा, आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग करके विरासत स्थलों के प्रबंधन, संरक्षण और संवर्धन में आगे बढ़ने का रास्ता है. यह इन्हें नये आयाम दे रहा है.
दिया कुमारी ने कहा कि 'संरक्षण तकनीक में मदद करने वाले वर्चुअल टूर, ऑगमेंटेड रियलिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल दुनिया भर में बढ़ रहा है और हम विरासत संरक्षण और इन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने की भी कोशिश कर रहे हैं.
जयपुर की धरोहर के लिए 100 करोड़ का बजट
दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान में, हमने यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल जयपुर के चारदीवारी वाले शहर के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट अलग रखा है. साथ ही हमारे सदियों पुराने मंदिरों सहित कई अन्य विरासत स्थलों के नवीकरण और संरक्षण के लिए भी कार्य किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि विश्व विरासत सूची में भारत की 42 संपत्तियों को शामिल किया है. जिनमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक, 1 मिश्रित विरासत स्थल शामिल हैं. जयपुर उनमें से एक है. इसके अलावा, विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में भारत के 57 स्थल हैं.

विश्व धरोहर समिति के 46वें सत्र का उद्घाटन भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. उद्घाटन समारोह में यूनेस्को के महानिदेशक ऑड्रे अज़ोले और यूनेस्को विश्व धरोहर सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न देशों के संस्कृति मंत्रियों, राजदूतों और डोमेन विशेषज्ञों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.