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राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर DGP राजीव शर्मा की मीटिंग, पुलिस को अपराध पर सख्त नियंत्रण के निर्देश

मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियानों की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की गतिविधियों को और तेज करने के निर्देश दिए.

राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर DGP राजीव शर्मा की मीटिंग, पुलिस को अपराध पर सख्त नियंत्रण के निर्देश

Rajasthan News: पुलिस मुख्यालय में सोमवार (23 मार्च) को DGP  राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में राज्य की एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सभागार में हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी रेंज आईजी एवं जिला पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से जुड़े. बैठक के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था, जन सुरक्षा एवं गंभीर अपराधों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई. डीजीपी शर्मा ने विशेष रूप से परंपरागत अपराधों एवं साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश देते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियानों की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की गतिविधियों को और तेज करने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी आईजी व  एसपी को फील्ड स्तर पर सघन मॉनिटरिंग एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान किए. डीजीपी ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर प्रदेश में चाक-चौबंद कानून-व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन के कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरें और पुलिस की विजिबिलिटी व गश्त (पेट्रोलिंग) को प्रभावी रूप से बढ़ाएं. 

थानों का नियमित निरीक्षण करें 

डीजीपी ने जिला पुलिस अधीक्षकों को अनुसंधान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अपने अधीनस्थ थानों का नियमित निरीक्षण करने को कहा है. पुलिस कल्याण को अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि एसपी नियमित रूप से पुलिस लाइन्स का दौरा करें और वहां मूलभूत सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लें. पुलिस कर्मियों के बौद्धिक विकास के लिए पुलिस लाइन्स में लाइब्रेरी की स्थापना, उनके बेहतर उपयोग और पुलिस क्वार्टर्स की समयबद्ध मरम्मत के लिए भी ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं.

साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को प्रतिदिन संबंधित पोर्टल की समीक्षा कर मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने और विभिन्न एजेंसी के मध्य समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए.

सोशल मीडिया पर नजर रखें 

डीजीपी ने सोशल मीडिया की राउंड-द-क्लॉक मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपराधियों का महिमामंडन करने या उन्हें प्रोत्साहित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा. साथ ही साइबर थानों को सशक्त बनाने के लिए तैनात कार्मिकों के विशेष प्रशिक्षण, उनकी समस्याओं के समाधान और लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए निरंतर मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया है.

बैठक में डीजीपी ने कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए. साथ ही ई-विजिटर पोर्टल से अधिकाधिक होटलों को जोड़ते हुए राजकॉप सिटीजन एप के उपयोग तथा आइसीजेएस सर्च को बढ़ावा दिया जाय. 

उन्होंने सार्वजनिक स्थानों एवं रिहायशी क्षेत्रों में लगे निजी सीसीटीवी कैमरों को अभय कमांड सेंटर से जोड़ने पर विशेष बल दिया, जिससे अपराधों की रोकथाम एवं निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके. फ़ोर्स मल्टीप्लायर इफ़ेक्ट के साथ ही अपराध अनुसंधान में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को अनिवार्य बताते हुए अधिकारियों को नवीन पोर्टल्स पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी गई.

ई-प्रोसिक्यूशन प्रणाली के प्रभावी उपयोग के निर्देश देते हुए जांच एवं अभियोजन प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया. साथ ही स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी)  की ओर से भेजे गए फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच के मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश भी दिए गए.

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