पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला स्लीपर सेल जयपुर से पकड़ी गई. इंटेलिजेंस की सूचना पर एटीएस ने बबीता को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि बबीता ने ऑनलाइन कलमा पढ़कर अपना धर्म परिवर्तन कर लिया. महिला सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ी थी. जांच एजेंसियों का दावा है कि उसने ऑनलाइन धार्मिक सामग्री और कथित रूप से कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े संपर्क विकसित किए थे. सूत्रों के अनुसार, महिला का संपर्क जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए जा रहे कुछ विदेशी हैंडलर्स से भी था.
मूल रूप से गंगापुर की निवासी है महिला
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार महिला की पहचान बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के रूप में हुई है. मूल रूप से गंगापुर की रहने वाली महिला वर्तमान में जयपुर में रह रही थी. खुफिया जानकारी मिलने के बाद रविवार को उसे हिरासत में लिया गया. प्रारंभिक जांच में उसके मोबाइल फोन से दो सिम कार्ड और एक फेसबुक अकाउंट मिला, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री और विदेशी प्रोफाइल से जुड़े लिंक पाए गए. महिला की फ्रेंड लिस्ट में कई प्रोफाइल ऐसे थे जिनमें जैश-ए-मोहम्मद और अन्य उग्रवादी संगठनों से संबंधित झंडे और हथियारबंद आतंकियों जैसी तस्वीरें थीं.
पाकिस्तानी मौलवी ने करवाया धर्मपरिवर्तन
पुलिस ने बताया कि उसके वाट्सऐप पर कई पाकिस्तानी नंबरों और विदेशी संपर्कों से बातचीत के प्रमाण मिले हैं. सूत्रों के अनुसार महिला ने खुलासा किया कि पाकिस्तान स्थित एक मौलवी ने फोन पर उसका धर्म परिवर्तन कराया था और उसे पाकिस्तान बुलाए जाने की योजना थी. जांच में सामने आया कि मौलवी ने महिला से कहा कि अबू-उबैदाह से उससे शादी करना चाहता था. जिसके लिए उसने मुझे नमाज, सना व कुरान पढ़ने व अमल करने के लिए कहा था. पता चला कि महिला कथित तौर पर पाकिस्तान जाने की योजना बना रही थी. एजेंसियों को शक है कि नेपाल, सऊदी अरब या यूएई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचाने की तैयारी की जा रही थी.
आतंकी मामलों में शामिल लोगों से जुड़े होने का शक
सूत्रों के अनुसार, महिला का नाम कुछ ऐसे आतंकियों और फरार आरोपियों से जुड़े नेटवर्क में सामने आया है, जिनका संबंध पुराने आतंकी मामलों से रहा है. इनमें मूसद अजहर के करीबी माने जाने वाले लोगों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं. वहीं, जांच एजेंसियां कथित तौर पर Indian Airlines Flight 814 hijacking मामले से जुड़े संदिग्ध संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं. यह भी सामने आया कि महिला जैश-ए-मोहम्मद कमाण्डर
(JeM Commander) व प्रवक्ता कारी जरार (Qari Zarar) जम्मू में बलिनी विज के पास भारतीय सेना के कैम्प पर 29 नवंबर 2016 आंतकी हमले में वांछित है, इस हमले में भारतीय सेना के 06 जवान शहीद हुए थे.
एटीएस एसपी ने क्या-क्या बताया?
एटीएस के एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया, "यह संभव है कि उन संगठनों ने इसे कट्टर बनाया हो और उन्होंने इसे अपने जाल में फंसाया हो और ये भी संभव है कि वो धर्म परिवर्तन करवाना चाह रहे हों. अभी जांच प्रारंभिक दौर में है जिससे अभी ये नहीं बता सकते कि वह वाकई कन्वर्ट हो गई थी या नहीं. अभी सारा साक्ष्य डिजिटल स्तर पर उपलब्ध है और उनकी पुष्टि होनी है. लेकिन प्रारंभिक तौर पर यह बात सामने आई है कि पिछले छह-सात महीनों से वे इसका धर्म परिवर्तन करवाना चाहते थे और उसकी मदद से भारत में घटनाएं करवाना चाहते थे."
एसपी ने आगे बताया, "सोशल मीडिया पर ऐसे कुछ अकाउंट मिले हैं जो प्रतिबंधित संगठनों के लोग हैं. अभी यह जांच हो रही है कि क्या ये वही मूल लोग हैं. और साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि क्या ये ऐसे लोग हैं जिन्होंने पहले घटनाएं की हैं, वो चाहे जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य हों या वहां से जुड़े अन्य संगठन हैं जिन्होंने अपने नाम बदल लिए हैं. अभी इसकी पुष्टि होनी बाकी है, लेकिन ये बात सही है कि ये पाकिस्तान से जुड़े और जैश से जुड़े लोग हैं."
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