Bhiwadi Fire: रोती बिलखती महिलाएं, राख के ढेर से उठती धुआं, इधर उधर बिखरा सामान, कुछ जूते चप्पल और उनके पास कंकाल बने शव, ये सब इस बात की गवाही दे रहे हैं कि भिवाड़ी में लगी आग कितनी भयानक थी. आग तो बुझ गई है लेकिन राख के ढेर से निकलता धुआं और मृतकों की पत्नियों और परिवार की चीख, हादसे की वेदना मन अशांत कर देने वाली है. मजदूरों के शव कंकाल में बदल गए, कुछ को थैली और कपड़ों में बांधकर निकाला गया.
शव कंकाल बन चुके थे
भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह करीब 9 बजकर 15 मिनट पर एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. इस हादसे में सात मजदूर जिंदा जल गए है. आग इतनी तेज थी कि दो किलोमीटर दूर तक लपटें और धुआं दिख रहा था. वहां सबसे पहले पहुंचे फायर इंचार्ज नरेश मीणा ने बताया कि आग भयावह थी. अंदर जो केमिकल था. उसमें बार बार ब्लास्ट हो रहा था. इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन में और मुश्किल हुई. धुआं केमिकल की थी. धीरे धीरे हम अंदर पहुंचे. शव कंकाल बन चुके थे. शरीर पर कोई मांस नहीं बचा. घायलों की भी हालत गंभीर थी. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

फायर इंचार्ज नरेश मीणा
मृतकों में से 5 बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले
अभी तक मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में से 5 बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले हैं. यहां काम करने अपने परिवार के साथ आए थे. जो आंखे बिहार से सपने लेकर यहां आई थी, उनमें अब दुख और वेदना के आंसू है. घायलों को एम्स रेफर किया गया है. दो घायल 90 प्रतिशत तक झुलस गए हैं. हालत गंभीर है. जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने बताया कि फैक्ट्री गारमेंट के नाम पर रजिस्टर्ड थी, लेकिन अंदर पटाखा निर्माण हो रहा था. यह बॉयलर या अन्य की श्रेणी में कवर नहीं होता. फैक्ट्री मैनेजर अभिनंदन से संपर्क हो गया है. उसे मौके पर बुलाया गया है.

कंपनी गारमेंट फैक्ट्री के लिए रजिस्टर्ड थी, लेकिन यहां पर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम हो रहा था.
अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम हो रहा था
वहीं, जांच में सामने आया कि यह कंपनी गारमेंट फैक्ट्री के लिए रजिस्टर्ड थी. यहां पर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम हो रहा था. साथ ही, बारूद भी स्टोर किया गया था. एफएसएल रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी. क्योंकि यहां कुछ और काम हो रहा था. इसलिए रीको की ओर से मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी. वहीं, हमनें निर्देश दिए है कि रीको सभी कंपनियों में जांच करेगी. अभियान चलाया जाएगा, जो भी नियमों के विपरीत कंपनियां चल रही है. उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी.