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Rajasthan Politics: राजस्थान के इस नेता से 'खफा' हुए हनुमान बेनीवाल, अब प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर करेंगे 'शिकायत'

Parliament Winter Session: हनुमान बेनीवाल का यह बयान राजस्थान की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है. खासकर तब, जब राज्य में धार्मिक पर्यटन को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं.

Rajasthan Politics: राजस्थान के इस नेता से 'खफा' हुए हनुमान बेनीवाल, अब प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर करेंगे 'शिकायत'
क्या राजस्थान के लोक देवताओं को नजरअंदाज कर रही है सरकार? हनुमान बेनीवाल बोले- मंत्री ने नाम तक नहीं लिया
IANS

Rajasthan News: राजस्थान के नागौर से सांसद व राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. बेनीवाल का कहना है कि लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली खरनाल (Kharnal) और बिश्नोई समाज के आस्था केंद्र मुकाम (Mukam) को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए केंद्र के पास कोई योजना नहीं है.

बेनीवाल ने गुरुवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि लोकसभा के शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session 2025) के पहले दिन जब उन्होंने यह सवाल उठाया, तो केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने जवाब में कहा कि इन स्थलों के विकास को लेकर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.

'मंत्री ने मुकाम का नाम तक नहीं लिया'

बेनीवाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने मूल प्रश्न में दोनों स्थलों का जिक्र किया था, लेकिन मंत्री ने जवाब में मुकाम का नाम तक नहीं लिया. उन्होंने कहा, 'केंद्रीय पर्यटन मंत्री स्वयं राजस्थान से आते हैं, लेकिन उन्हें लोक देवताओं से जुड़े इन प्रमुख धर्म स्थलों के विकास से कोई मतलब नहीं है. अगर प्रस्ताव नहीं आए हैं, तो वे खुद मंगवा सकते थे.' बेनीवाल ने यह भी कहा कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले की शिकायत करेंगे.

केंद्र का जवाब – कोई प्रस्ताव नहीं आया

पर्यटन मंत्रालय ने अपने लिखित जवाब में बताया है कि राजस्थान के नागौर जिले के खरनाल गांव में तेजाजी की जन्मस्थली के विकास के लिए कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. हालांकि मंत्रालय ने यह भी बताया कि देशभर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं, जिनमें प्रशाद योजना, स्वदेश दर्शन योजना और केंद्रीय एजेंसियों को सहायता योजना शामिल हैं.

क्या है प्रशाद और स्वदेश दर्शन योजना?

प्रशाद योजना के तहत तीर्थस्थलों और विरासत स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना का विकास किया जाता है. अब तक 28 राज्यों में 54 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. स्वदेश दर्शन योजना के तहत आध्यात्मिक, बौद्ध, कृष्ण और अन्य परिपथों के विकास के लिए 76 परियोजनाएं मंजूर हुई हैं. स्वदेश दर्शन 2.0 में स्थायी और उत्तरदायी पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर जोर है.

राजस्थान को क्या मिला?

पर्यटन मंत्रालय ने बताया कि अप्रैल 2023 से राजस्थान में धार्मिक स्थलों पर कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. लेकिन खरनाल के लिए कोई प्रस्ताव नहीं आया है. मंत्रालय ने कहा कि प्रस्ताव राज्य सरकारों से आते हैं और यह एक सतत प्रक्रिया है.

बेनीवाल का आरोप – मंशा साफ दिख रही है

बेनीवाल ने कहा कि मंत्री के जवाब की भाषा से उनकी मंशा साफ दिख रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान के लोक देवताओं और बिश्नोई समाज के धार्मिक स्थलों को नजरअंदाज किया जा रहा है.

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