Rajasthan News: हनुमानगढ जिले के बड़ोपल बारानी क्षेत्र में घग्घर डायवर्जन चैनल की लगभग 8000 बीघा भूमि को वन विभाग द्वारा डीम्ड फॉरेस्ट घोषित किए जाने के प्रस्ताव का विरोध तेज हो गया है. इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को भाजपा के पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर खुशाल यादव को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया. किसानों का दावा है कि वे पिछले कई दशकों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं और कई परिवार तो पीढ़ियों से यहां निवासरत हैं.
किसानों के अनुसार संबंधित भूमि पर उनके खातेदारी अधिकार दर्ज हैं और वे नियमित रूप से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज काश्तकार हैं. ऐसे में अचानक इस भूमि को डीम्ड फॉरेस्ट घोषित करने की कार्रवाई उनके परिवारों के लिए अन्यायपूर्ण निर्णय है.
500 से अधिक किसान प्रभावित
किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि यदि यह भूमि डीम्ड फॉरेस्ट घोषित होती है तो करीब 500 किसानों की लगभग 8000 बीघा जमीन इस दायरे में आ जाएगी. इससे किसान भूमिहीन हो जाएंगे और उनकी आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा. किसानों का कहना है कि यह क्षेत्र उनकी खेती, पशुपालन और पारिवार का निवास है.
जबरन कार्रवाई का आरोप
पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची ने आरोप लगाया कि वन विभाग बिना किसानों की सहमति और बिना पर्याप्त सुनवाई के इस जमीन को डीम्ड फॉरेस्ट घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास खातेदारी अधिकार हैं, उनकी जमीन को वन भूमि में शामिल करना कानून और न्याय के खिलाफ है.
पूर्व विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक किसानों की आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक डीम्ड फॉरेस्ट की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए.
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
किसानों ने जिला कलेक्टर खुशाल यादव से मांग की है कि वे राज्य सरकार और वन विभाग से वार्ता कर किसानों के हितों की रक्षा करें. किसानों ने कहा है कि अगर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे. इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
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