विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को सरकारी दस्तावेजों पर फोटो प्रकाशित करने के मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहां की राजस्व विभाग की तरफ से बांटी गई एक बुकलेट पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की फोटो छपी गई है. जूली ने कहा यह किस अधिकार से छापी गई? जूली ने “कॉमन कॉज़ बनाम भारत संघ” मामले का हवाला दिया और कहा कि सरकारी प्रकाशनों में फोटो संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय हैं.
जूली ने सदन को बताया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुसार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की तस्वीरें ही सरकारी दस्तावेजों में प्रकाशित की जा सकती थीं. बाद में वर्ष 2016 में संशोधन कर विभागीय मंत्री की फोटो भी शामिल करने की अनुमति दी गई.
उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की ओर से वितरित एक बुकलेट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तस्वीर प्रकाशित की गई है, जो निर्धारित नियमों के विपरीत है. इस पर विपक्षी विधायकों ने “शेम-शेम” के नारे लगाते हुए विरोध दर्ज कराया और वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी.
स्पीकर ने कहा, नियमों के तहत दें नोटिस
हंगामे के बीच स्पीकर ने कहा कि यह तात्कालिक और आपात प्रकृति का विषय नहीं है, जिस पर तुरंत जवाब दिया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष को आपत्ति है तो वे नियमों के तहत लिखित नोटिस दें, जिसके बाद सरकार से जवाब दिलवाया जाएगा.
स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और नियमों की प्रक्रिया का पालन करने को कहा.
मंत्री सुमित गोदारा ने शुरू किया जवाब
हंगामे के बीच ही मंत्री सुमित गोदारा ने अपना जवाब देना शुरू किया, जबकि विपक्ष व्यवस्था की मांग पर अड़ा रहा. नेता प्रतिपक्ष ने दोबारा आग्रह किया कि या तो तुरंत व्यवस्था दी जाए या सरकार से जवाब दिलवाया जाए.
सरकार का पक्ष
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि संबंधित बुकलेट न तो सरकार ने बांटी है और न ही यह राजस्व विभाग का आधिकारिक प्रकाशन है. उन्होंने भी आपत्ति की स्थिति में विधिवत नोटिस देने की बात दोहराई और आश्वस्त किया कि नोटिस मिलने पर सरकार जवाब देगी.
इस दौरान विधायक घनश्याम मेहर स्पीकर के समक्ष दस्तावेज रखने पहुंचे, लेकिन स्पीकर ने फिर दोहराया कि बिना लिखित नोटिस के इस विषय पर व्यवस्था नहीं दी जा सकती. उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने पर इस विषय पर अगले दिन चर्चा कराई जाएगी. हंगामे के बीच कार्यवाही जारी रही, लेकिन फोटो विवाद को लेकर सियासी तकरार तेज हो गई है.