
Jodhpur High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर में अवैध रूप से संचालित हो रही मांस-मछली की दुकानों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. जस्टिस डॉ पुष्पेन्द्र सिंह भाटी व जस्टिस राजेन्द्र प्रकाश सोनी की खंडपीठ ने आसिफ अली की याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई के बाद नगर निगम उत्तर को नोटिस जारी किया है.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह राजपुरोहित ने कहा कि याचिकाकर्ता आसिफ अली निगम उत्तर के वार्ड संख्या 37 का निवासी है. आसिफ के घर के पास मांस व मछलियों की अवैध दुकानें संचालित हो रही हैं, जिसको लेकर कई बार नगर निगम से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत दर्ज कराई. साथ ही, सम्पर्क पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की गई, व अंत में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. उसके बावजूद आज तक अवैध रूप से मांस की दुकानें संचालित हो रही है.
अवैध दुकानों पर नही लग रहा लगाम
जोधपुर में मांस की दुकानों के लिए केवल 26 लाइसेंस जारी किए गए है, जबकि शहर में करीब 1500 दुकानें संचालित हो रही है. वहीं शहर में केवल दो सरकारी बूचड़खाने है लेकिन वे दोनो भी बंद है. उसके बावजूद प्रतिदिन 1500 किलो मांस बिक रहा है.
फूड सिक्योरिटी स्टैंडर्ड की उड़ रही धज्जियां
नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही से जोधपुर में सैकड़ो दुकानें अवैध रूप से संचालित की जा रही है. इन दुकानों में फूड सिक्योरिटी स्टैंडर्ड नियमों की धज्जियां उड़ रही है और मानकों को ताक पर रखकर दुकानों का संचालन किया जा रहा है, जबकि मीट-चिकन की लाइसेंसशुदा दुकानों पर केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस से लाएगए चेक मीट की ही बिक्री की जानी चाहिए.
पशु पक्षी को मारना पूरी तरह से प्रतिबंधित है
किसी भी मीट चिकन की दुकान के अंदर किसी पशु पक्षी को मारना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. दुकान के अंदर मीट काटना भी पूरी तरह से प्रतिबंधित है, लेकिन शहर की अधिकतर दुकानों में यह किया जा रहा है. कोर्ट ने प्रारम्भिक सुनवाई के बाद नोटिस जारी करते हुए 10 जनवरी को जवाब पेश करने के निर्देश दिए है.
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