Rajasthan News: राजस्थान के बूंदी जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए हनी ट्रैप के जरिए लोगों को फंसाकर लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह ने कोटा के एक इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी को प्रेमजाल में फंसाने और उनसे 10 लाख रुपये ऐंठने की साजिश रची थी, लेकिन बूंदी पुलिस की सूझबूझ और तत्परता ने इस साजिश को नाकाम कर दिया. पुलिस ने गिरोह की दो मास्टरमाइंड महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके दो पुरुष सहयोगी आरोपी भी दबोचे गए हैं.
कैसे बिछाया गया ‘हनी ट्रैप' का जाल?
बूंदी पुलिस के मुताबिक, इस हनी ट्रैप का शिकार कोटा का एक इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी हुआ. सदर थाना पुलिस को व्यापारी ने शिकायत दी कि उनकी दुकान पर इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का कारोबार होता है. गिरोह ने बड़ी ही चालाकी से पूरी साजिश को अंजाम दिया.
- 26 अक्टूबर को व्यापारी के वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से AC खरीदने के बहाने बातचीत शुरू हुई.
- 28 अक्टूबर को वॉट्सऐप पर बात करने वाली युवती व्यापारी की दुकान पर आई, AC देखा और चली गई, जिससे व्यापारी को यह सौदा जेनुइन लगे.
- 29 अक्टूबर को युवती ने फिर वॉट्सऐप पर मैसेज किया और व्यापारी को झांसा दिया कि उसके पिता प्रॉपर्टी डीलर हैं और उनके बड़े-बड़े लेनदेन होते हैं. युवती ने व्यापारी को एक AC साइट दिखाने के बहाने बड़े कमीशन का लालच दिया.
- कमीशन के लालच में फंसकर, व्यापारी 5 नवंबर की शाम करीब 6:30 बजे AC साइट देखने बूंदी पहुंच गया.
सुनसान जगह पर लूट और 10 लाख की डिमांड
जैसे ही व्यापारी बूंदी के नानकपुरिया चौराहा के पास पहुंचा, वहां पहले से मौजूद गिरोह के सदस्यों ने उसे रोक लिया. सुनसान जगह का फायदा उठाते हुए, आरोपियों ने व्यापारी से मारपीट की और उससे 35 हजार रुपये नकद और सोने का कड़ा लूट लिया. यहीं पर गिरोह का असली मकसद सामने आया. लूटपाट करने के बाद, आरोपी व्यापारी से 10 लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठने की फिराक में थे. सदर थाना प्रभारी रमेश आर्य ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया.
दो महिलाएं बापर्दा गिरफ्तार
सदर थाना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तकनीकी एवं मानवीय संसाधनों का उपयोग करते हुए आरोपियों की पहचान की. टीम का नेतृत्व सदर थानाधिकारी कर रहे थे. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरोह के सभी चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. जिन्हें बापर्दा (चेहरा ढंककर) गिरफ्तार किया गया है. गिरोह के संचालन में इनकी मुख्य भूमिका थी. लखविंद्र सिंह और रौनक पंवार को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं. थानाधिकारी रमेश आर्य ने NDTV को बताया, 'यह गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाता था. हमारी टीम ने सूझबूझ से काम लिया और इन्हें दबोच लिया. आरोपी व्यापारी से बड़ी रकम ऐंठने की तैयारी में थे.'
लूट हुई रकम को लेकर पूछताछ जारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस गिरोह ने राजस्थान के अन्य जिलों या पड़ोसी राज्यों में भी इसी तरह की वारदातें की हैं या नहीं? इसके साथ ही, लूटी गई नकदी (35 हजार रुपये) और सोने के कड़े की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं.
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