Rajasthan News: अलवर पोक्सो कोर्ट संख्या 2 ने 12 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने कोल्ड्रिंक और टॉफी देने के बहाने नाबालिग को घर और अन्य स्थानों पर ले जाकर करीब 10 से 15 बार दुष्कर्म करने के मामले में 50 वर्षीय आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही आरोपी पर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से 2 लाख रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिलाने की अनुशंसा की गई है.
सरकारी वकील पंकज यादव ने बताया कि सजा के बिंदु पर आरोपी के वकील द्वारा न्यायालय से सजा में नरमी बरतने का निवेदन किया गया, जिसका सरकारी पक्ष ने कड़ा विरोध किया.
कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
पोक्सो कोर्ट-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी ने खिलौनों से खेलने की उम्र की नाबालिग की मासूमियत का फायदा उठाकर जघन्य अपराध किया है. इस अपराध का प्रभाव न केवल तात्कालिक बल्कि पीड़िता के पूरे जीवन, उसके मन और मस्तिष्क पर पड़ेगा.
एक साल पहले दर्ज हुआ था मामला
पीड़िता के पिता ने एक साल पहले 12 नवंबर 2024 को अरावली विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी ने उनकी 12 वर्ष से कम उम्र की बेटी को चीजें देने के बहाने बहला-फुसलाकर दुष्कर्म किया. बाद में डरा-धमकाकर बार-बार बुलाता रहा. आरोप है कि आरोपी ने करीब एक वर्ष के भीतर 10 से 15 बार बच्ची के साथ दुष्कर्म किया.
शुक्रवार (2 जनवरी) को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पोक्सो कोर्ट संख्या-2 की न्यायाधीश शिल्पा समीर ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए जुर्माना लगाया. आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर न्यायालय ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नाबालिगों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.
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