Rajasthan Monuments Free Entry: राजस्थान की मरूधरा का इतिहास राजा-महाराजाओं के शौर्य, भव्य रियासतों और शाही शानो-शौकत की गवाही देता है। यहां की इसी समृद्ध संस्कृति और विरासत को दुनिया के पटल पर और मजबूती से लाने के लिए पर्यटन और पुरातत्व विभाग ने पर्यटकों को एक बड़ा तोहफा दिया है. कल, यानी18 मई को अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस (International Museum Day) के अवसर पर राजस्थान के सभी राजकीय संग्रहालयों (Museums) और संरक्षित स्मारकों (Monuments) में देशी और विदेशी पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश (Free Entry) दिया जाएगा.
तिलक और माला पहनाकर होगा पर्यटकों का शाही स्वागत
पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धरेंद्र के जरिए जारी आदेशों के अनुसार, इस खास मौके पर स्मारकों और संग्रहालयों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए विशेष तैयारियां की गई हैं. मरुधरा की धरती पर आने वाले सैलानियों का राजस्थानी परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर और माला पहनाकर गर्मजोशी से अभिनंदन किया जाएगा. पर्यटकों को राजस्थान की लोक संस्कृति से रूबरू कराने के लिए विभिन्न स्मारकों पर सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा मिल सके.
इन प्रमुख स्मारकों और संग्रहालयों में मिलेगी फ्री एंट्री
इस आदेश के तहत प्रदेश के सभी प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों के दरवाजे पर्यटकों के लिए पूरी तरह मुफ्त रहेंगे. इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं. अल्बर्ट हॉल, हवामहल, जंतर-मंतर, अजमेर का अकबरी किला, बीकानेर का गंगा गोल्डन जुबली म्यूज़ियम, आहड़ संग्रहालय उदयपुर, भरतपुर का लोहागढ़ किला, कोटा बृज विलास पैलेस, झालावाड़ का रियासतकालीन कलाकृतियों का संग्रह, सिटी पैलेस, जोधपुर का मंडोर गार्डन, जैसलमेर का सोनार किला, डूंगरपुर का सरकारी पुरातत्व संग्रहालय और आमेर महल सहित विभिन्न स्मारकों में पर्यटकों को फ्री एंट्री मिलेगी.
पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा
हर साल लाखों की संख्या में विदेशी और देश के कोने-कोने से पर्यटक राजस्थान के रेतीले धोरों और ऐतिहासिक किलों को देखने आते हैं. विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल पर्यटकों को राजस्थान की विरासत को नजदीक से देखने और उसकी अनसुनी कहानियों को जानने का मौका मिलता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर राजस्थान पर्यटन (Rajasthan Tourism) की एक बेहद सकारात्मक छवि भी बनती है. यदि आप भी कल राजस्थान में हैं, तो इतिहास के इन पन्नों को मुफ्त में करीब से देखने का यह सुनहरा मौका हाथ से न जाने दें.
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