राजस्थान के जयपुर में आमेर स्थित साइवाड़ गांव में स्थित एक प्राचीन लक्ष्मीनारायण मंदिर से करीब 1100 वर्ष पुरानी अष्टधातु की मूर्ति चोरी के मामले में आमेर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए ब्राह्मणों का मोहल्ला,साइवाड़ निवासी दो सगे भाइयों को पकड़ा है.पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल चोरी का पर्दाफाश करते हुए गांव के ही रहने वाले नरेश शर्मा (उम्र 18 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस वारदात में शामिल उसका दूसरा सगा भाई नाबालिग बताया जा रहा है.
इस घटना के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश था. चोरी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें लगातार सुराग तलाशने में जुटी हुई थीं.
नीलम रत्न और गुप्त खजाने का था भ्रम
मामले की जानकारी देते हुए आमेर पुलिस उपायुक्त (DCP नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया कि पुलिस को 5 जून को ऐतिहासिक ठाकुर लक्ष्मी-नारायण मंदिर में चोरी की सूचना मिली थी.जिसे मंदिर के पुजारी पुरुषोत्तम लाल शर्मा ने दर्ज कराई थी. उनकी शिकायत पर आमेर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. जांच के दैरान जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी पिछले पांच-छह महीनों से सेवा-संबंधी कार्यों के लिए वह मंदिर जा रहा था. इस दौरान उसे यकीन हो गया था कि प्राचीन अष्टधातु मूर्ति के नीचे कोई कीमती खजाना या कोई बहुमूल्य चीज(नीलम) छिपा हुआ है.
इसी लालच में आकर आरोपी ने अमीर बनने की योजना के तहत आरोपी नरेश ने इंटरनेट पर प्राचीन मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय कीमत और उन्हें बेचने के तरीकों के बारे में हफ्तों तक रिसर्च की। इसके बाद 5 जून की रात को जैसे ही इलाके की बिजली गुल हुई, उसने मौके का फायदा उठाकर करीब दो फीट ऊंची ऐतिहासिक अष्टधातु की मूर्ति को चुरा लिया.
खेत में मूर्ति छिपाने के बाद ग्रामीणों के साथ पुलिस से करने लगा मांग
वही दूसरी ओर आरोपी ने 1100 साल पुरानी मूर्ति को चोरी करने के बाद, उसे उसे अपने खेत में फसलों के बीच छिपा दिया. और शक से बचने के लिए वह लोगों के बीच मंदिर जाकर मूर्ति बरामदगी के लिए लोगों के साथ पुलिस से मांग करने लगा.

मूर्ति चोरी करने वाला चोर
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500 CCTV और 1000 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण
वही आमेर पुलिस ने मामले की जांच को तेज करते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया. जिसमें मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों सहित लगभग 500 जगहों के CCTV फुटेज खंगाले. इसके साथ ही चोरी के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए लगभग 1,000 संदिग्ध मोबाइल नंबरों के बीटीएस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड डेटा का बारीकी से विश्लेषण किया. इस जांच पड़ताल के बाद, पुलिस के हाथ साईवाड़ी गांव के रहने वाले नरेश शर्मा तक पहुंचे. और उन्होंने 19 जून को आरोपी को हिरासत में लिया.
पुलिसिया पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. जिसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर खेत में छिपाई गई चोरी की अष्टधातु की मूर्ति बरामद कर ली. लेकिन मूर्ति पुलिस ने मूर्ति को साबुत नहीं ढूंढ पाई.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
मामले की आगे की जांच के बारे में पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब उससे मूर्ति के अवशेष बरामद करने की कोशिश की जा रही है. साथ ही, आमेर पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है.वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी ने मूर्ति बेचने के लिए किससे संपर्क किया था और इस घटना में कोई और व्यक्ति शामिल है या नहीं.
Report: Rohan Sharma
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