Jaipur Literature Festival: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन भी आयोजन शानदार रहा. जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे आयरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री लिओ एरिक वारदकर को यह आयोजन काफी पसंद आया. इसकी खूबसूरती देखकर उन्होंने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल अब आयरलैंड भी होगा. उन्होंने बताया इस साल 22 मई से लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन आयरलैंड में भी किया जाएगा. लिओ एरिक वारदकर इस आयोजन से काफी प्रभावित हुए.
आयरलैंड में कभी नहीं हुआ ऐसा आयोजन
लिओ एरिक ने कहा कि मैं पहली बार जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आया हूं. यह बहुत खूबसूरत है. बहुत बेहतर है. इतनी बड़ी तादाद में लोग यहां इकट्ठे हुए हैं. मैने कभी इतने लोगों को एक जगह नहीं देखा. सभी लोग सेशंस अटेंड कर रहे हैं. सवाल कर रह हैं. मैंने कभी ऐसा आयरलैंड में नहीं देखा. मैने यह देख कर बहुत इंप्रेस हूं.
हालांकि उन्होंने कहा, अभी भारत से आयरलैंड की सीधी फ्लाइट नहीं है. मुझे लगता है कुछ समय में यह सेवा भी शुरू होगी. बस एक एयरलाइन ढूंढ कर उसे सही जगह पर लगाना जरूरी है. अभी फ्लाइट जो है उनसे हमारी कनेक्टिविटी है पर हम सीधे तौर पर कनेक्टिविटी बनाने पर भी सोचेंगे.
ईरान हिंसा पर क्या बोले आयरलैंड के पूर्व पीएम
वहीं उन्होंने ईरान में हो रहे नरसंहार को लेकर वे बोले कि मैं ईरान के लोगों के अधिकारों का समर्थन करता हूं. ईरान के लोगों को गलत सरकार का विरोध करने का अधिकार है. ईरान और भारत दोनों लोकतांत्रिक देश है. हम अपने नेता जो चुनने के लिए वोट करते हैं. ईरान के लोगों को 1950 से अपनी सरकार चुनने का अधिकार है. और हम एक लोकतांत्रिक देश की तरह उनका समर्थन करते हैं.
इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के लोग और भारत बहुत सुंदर है. आयरलैंड में कई भारतीय छात्र और लोग है. वे आयरलैंड की बेहतरी में अपना योगदान भी देते हैं. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरी मां आयरिश है. लेकिन मेरे पिता भारत के महाराष्ट्र से है. मुझे दोनों कल्चर देखने मिला.
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