राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही नकलबाजी को रोकने के लिए पुलिस लगातार कड़े कदम उठा रही है. इसी बीच जिले की खोरा थाना पुलिस के हाथ बड़ी सफलता मिली है. गुपत् सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पैरामेडिकल परीक्षा से ठीक पहले नकल की बड़ी साजिश करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मामा -भांजे और चाचा -भतीजे की दो अलग- अलग गैंग्स का पर्दाफाश किया है.
साढ़े पांच लाख रुपये में तय हुई थी पास कराने की डील
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरन ने मामले को लेकर बताया कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि इस गैंग ने प्रथम वर्ष के बैक लगे करीब 40 से 45 छात्रों को परीक्षा में पास कराने का एक पूरा खाका तैयार किया था. इसके लिए हर छात्र के हिसाब से मोटी रकम वसूली गई थी और कुल सौदा करीब साढ़े पांच लाख रुपये में तय हुआ था. इस पूरी साजिश के तहत परीक्षा केंद्र पर इनविजिलेटर की मदद से सीधे तौर पर सामूहिक नकल कराने की फुलप्रूफ तैयारी की गई थी.
झुंझुनू के कॉलेज से जुड़े हैं साजिश के तार
पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े में मुख्य साजिशकर्ता झुंझुनू के मुकुंदगढ़ के एस. करण कॉलेज में रची गई थी. वहां के एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकर, जो आपस में सगे मामा-भांजे हैं, इस गिरोह के मास्टरमाइंड निकले. इन दोनों ने बैक लगे छात्रों को पास कराने के लिए जयपुर के परीक्षा केंद्र प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज से संपर्क साधा था. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर सबसे पहले प्रताप नगर इलाके से घेराबंदी कर कृष्ण कुमार और शंकर को धर दबोचा. फिर प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज चाचा भतीजे की टीम को गिरफ्तार किया गया.

Prabha Devi Memorial College
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जयपुर के कॉलेज संचालक और प्रिंसिपल भी शामिल
मामा-भांजे से हुई कड़ी पूछताछ के बाद इस रैकेट के दूसरे हिस्से का खुलासा हुआ. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल कॉलेज से जुड़े राम कृष्ण मंडीवाल और देव कृष्ण को भी गिरफ्तार कर लिया. ये दोनों आरोपी आपस में चाचा-भतीजा बताए जा रहे हैं. इनमें से देव कृष्ण खुद कॉलेज का संचालक और प्रिंसिपल है, जबकि राम कृष्ण के जरिए पूरी डील और सेटिंग तय की गई थी.
45 छात्रों की मिली सूची
पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान आरोपी शंकर के पास से एक सूची मिली है, जिसमें 40 से 45 छात्रों के नाम और उनके आगे पैसे प्राप्त लिखा हुआ था. इसके बाद पुलिस ने संबंधित परीक्षा एजेंसी को पूरे मामले की जानकारी दे दी है. साथ ही जयपुर के इस कॉलेज को भविष्य में डिबार करने के लिए भी एजेंसी को पत्र भेजा जा रहा है.
जांच में जुटी पुलिस
आगे की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि फलिहला पूरे मामले में इन चैरों आरोपियों से पूछताछ जारी है. साथ ही यह भी जांच किया जाएगा कि इससे पहले इस कॉलेज में हुई परीक्षाओं में भी कहीं इसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं हुई थी.
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