Amber News: राजधानी जयपुर की विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी आमेर इन दिनों सैलानियों से गुलजार है लेकिन बढ़ती भीड़ के साथ आमेर फोर्ट पर जाम के हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. अलसुबह से ही पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो जाती है जिसके चलते आमेर फोर्ट जाने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं.
शनिवार, रविवार और सोमवार को लगातार अवकाश होने के कारण आमेर में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली. हालात ऐसे रहे कि आमेर फोर्ट रोड पर पर्यटक वाहनों का कई किलोमीटर तक जाम लग गया. जाम में फंसे वाहन चालकों और पर्यटकों को निकलने के लिए भारी कसमकश करनी पड़ी, वहीं स्थानीय लोगों को भी आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ी.
वहीं 15 मिनट तक एम्बुलेंस भी फंसी रही. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आमेर फोर्ट से सरकार को हर साल लाखों-करोड़ों रुपये की आय होती है, इसके बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था आज भी बदहाल बनी हुई है.
विश्व प्रसिद्ध है आमेर की हाथी सवारी
सुबह करीब 8 बजे से हाथी सफारी के लिए लगने वाला जमावड़ा जाम की समस्या को और विकराल बना देता है. हाथी सफारी, पर्यटक बसें, निजी वाहन और टैक्सी एक ही मार्ग पर होने से ट्रैफिक पूरी तरह चरमरा जाता है. वहीं पर्यटकों का कहना है कि आमेर फोर्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर इस तरह की अव्यवस्था न केवल समय बर्बाद करती है, बल्कि पर्यटन अनुभव को भी खराब करती है.
कई सैलानी जाम में फंसने के कारण समय पर फोर्ट तक नहीं पहुंच पाए. अब बड़ा सवाल यह है कि जयपुर और आमेर में पर्यटकों को वाहनों के जाम से कब मिलेगी राहत? क्या ट्रैफिक सुधार केवल बैठकों और कागजी योजनाओं तक ही सीमित रहेगा, या जमीनी स्तर पर ठोस और स्थायी समाधान निकाला जाएगा. आमेर फोर्ट पर बने जाम के हालात प्रशासन और सरकार की व्यवस्थाओं पर सीधे तौर पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
पन्ना मीणा के बाग से कुंडा मोड़ तक लगता जाम
स्थानीय निवासी ने बताया कि आमेर में सुबह से ही भारी मात्रा में वाहनों के लंबे जाम लग जाते हैं जिसके कारण आमेर के स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. लाखों रुपए का रेवेन्यू आमेर महल की ओर से आता है लेकिन सुविधा के नाम पर जीरो है. पर्यटन सीजन के चलते रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक आमेर घूमने के लिए आ रहे हैं. लेकिन इन पर्यटकों को आमेर महल पहुंचने के लिए लंबे जाम का सामना करना पड़ता है. वहीं स्थानीय लोगों को जाम की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
(जयपुर से रोहन शर्मा की रिपोर्ट )