केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लगातार दूसरे दिन पोकरण क्षेत्र का दौरा किया. उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों और आमजन के साथ देर रात तक जनसुनवाई की और ग्रामीण समस्याओं को सुना. शनिवार (9 मई) की मध्य रात्रि तक चली जनसुनवाई में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. रविवार (10 मई) अलसुबह ओरण भूमि संरक्षण से जुड़ी टीम ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की. लाखों बीघा ओरण और गोचर भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने को लेकर गंभीर चर्चा हुई. फलसूंड में रात्रि चौपाल में देर रात डेढ़ बजे तक जनसुनवाई हुई. चौपाल के बाद शेखावत ने गांव में ही निवर्तमान सरपंच रतन सिंह के निवास पर ही रात्रि विश्राम किया. उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बाजरे का चूरमा, मक्खन, राबड़ी, केर सांगरी और बाजरे की रोटी का स्वाद चखा.
60 दिनों की पदयात्रा रही थी चर्चा में
ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बताया कि वे करीब 60 दिनों की पदयात्रा कर जयपुर पहुंचे थे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात के बाद उन्हें आश्वासन मिला था. अब इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय स्तर पर बातचीत की जा रही है. केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्व मंत्री से दोबारा बातचीत करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.
700 किमी से ज्यादा पैदल यात्रा पर निकले थे लोग

टीम ओरण के सदस्य. (फाइल फोटो)
ओरण टीम की ओर से सुमेर सिंह भाटी, भोपाल सिंह जालोडा सहित कई ग्रामीण प्रतिनिधियों ने मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं. दरअसल, इस टीम ने ‘ओरण बचाओ' की आवाज को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश की थी. इसके लिए जैसलमेर से 725 किलोमीटर की पैदल यात्रा निकाली गई थी. इस दौरान लोकआस्था, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का मिलाजुला अभियान बन गया था.
यह भी पढ़ेंः रात में स्कूटी पर सवार होकर निकले कलेक्टर और निगम कमिश्नर, 'सूरत मॉडल' लागू कर जयपुर को चमकाने की तैयारी