
झालरापाटन में न दर्जन से अधिक बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार होकर झालावाड़ के जनाना अस्पताल में उपचारत हैं, इस घटना से प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार इस मामले की जांच कर रही हैं.
झालावाड़ के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जीएम सैयद ने जानकारी देते हुए बताया कि बीमार होने वाले बच्चों में अधिकांश की उम्र 5 से 14 साल के बीच है कुछ बड़ी उम्र के बच्चे भी बीमार हुए हैं. सैयद ने बताया कि चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर है, तथा झालरापाटन मेला परिसर में खाद्य पदार्थों की कड़ी और विशेष निगरानी की जा रही है, उन्होंने कहा कि बच्चे किस तरह बीमार यह जानने के प्रयास किया जा रहे हैं.
मेले के खाने से हुई है फूड प्वाइजनिंग
बीमार बच्चों के परिजनों एवं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार झालरापाटन की चंद्रभागा नदी में स्नान करने गए सभी बच्चों एवं उनके परिजनों ने वहां आसपास चल रहे भंडारों में भी भोजन किया था साथ ही कुछ बच्चों ने मेला परिसर में भी खाद्य सामग्री का सेवन करने की बात कही है, ऐसे में यह मुश्किल हो गया है कि बच्चों के बीमार होने का सही कारण स्पष्ट हो पाए.

चिकित्सा विभाग की टीमें लगातार सैंपल ले रही हैं वही लगभग तीन दर्जन से अधिक बच्चों का झालावाड़ के जनन अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में उपचार किया जा रहा है. मौके पर उपचार कर रहे हैं चिकित्सक ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकांश बच्चों की हालत ठीक है किंतु कुछ बच्चों में बीमारी के लक्षण ज्यादा हैं और हालात खराब है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में लगातार सभी बातों का ध्यान में रखते हुए मरीजों का उपचार किया जा रहा है.
प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर
बड़ी तादाद में बच्चों के बीमार होने से झालावाड़ शहर में हड़कंप मच गया. सभी अधिकारी झालावाड़ चिकित्सालय की तरफ दौड़ते हुए नजर आए. ऐसे में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर नरेश मालव सहित कई अधिकारी और कर्मचारी झालावाड़ के जनाना अस्पताल पहुंचे और स्थितियों का जायजा लिया. झालावाड़ जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार मामले पर नजर जमाए हुए हैं तथा किसी भी मुश्किल परिस्थिति से निकलने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयारी में जुड़ा हुआ है.
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