Rajasthan News: राजस्थान के कोटा जिले का कैथून कस्बा देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कोटा डोरिया साड़ी के लिए जाना जाता है. इसी पहचान को मजबूत करने के लिए वसुधरा राजे सरकार के समय करोड़ों रुपये की लागत से यहां कॉमन फेसेलिटी सेंटर बनाया गया था. लेकिन आज यह केंद्र बुनकरों के लिए सुविधा की जगह परेशानी का कारण बन गया है.
बारिश आते ही पानी से भर जाता है भवन
कैथून स्थित इस फेसेलिटी सेंटर की हालत बेहद खराब है. हर साल बारिश के मौसम में यहां जलभराव हो जाता है. छतें जर्जर हैं दीवारों में सीलन है और फर्श पर पानी जमा हो जाता है. करोड़ों की लागत से बना यह भवन धीरे धीरे खंडहर जैसी स्थिति में पहुंचता जा रहा है.
ट्रेनिंग और मार्केटिंग का सपना अधूरा
इस केंद्र का उद्देश्य था बुनकरों को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग देना और उनके उत्पादों को देश विदेश के बाजार से जोड़ना. यहां डिजाइनरों के लिए प्लेटफॉर्म और एक लैब भी बनाई गई थी. लेकिन आज न तो कोई नियमित ट्रेनिंग हो रही है और न ही मार्केटिंग से जुड़ी कोई गतिविधि दिखाई देती है. लैब भी केवल शोपीस बनकर रह गई है.
बिजली कटी, चोरी से चल रहा काम
हालात इतने खराब हैं कि बिजली का बिल जमा नहीं होने के कारण फेसेलिटी सेंटर का कनेक्शन काट दिया गया. मजबूरी में यहां चोरी की बिजली से किसी तरह काम चलाया जा रहा है. इससे बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं.
5000 बुनकरों के लिए बेकार साबित हुआ केंद्र
कैथून कस्बे में करीब 5000 बुनकर कोटा डोरिया साड़ी बनाकर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं. लेकिन उनके लिए बना यह कॉमन फेसेलिटी सेंटर आज किसी काम का नहीं रहा. बरसात के दिनों में यहां पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है.
बुनकरों की सरकार से मांग
बुनकरों का कहना है कि सरकार ने जो सपना दिखाया था वह अब तक पूरा नहीं हुआ. उनकी मांग है कि फेसेलिटी सेंटर की जल्द मरम्मत कराई जाए बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं बहाल की जाएं और कोटा डोरिया जैसे विश्व प्रसिद्ध उत्पाद को वह सम्मान मिले जिसका वादा किया गया था.
यह भी पढ़ें- कोटा में बड़ा हादसा, 3 मंजिला इमारत गिरने से मलबे में 10-15 लोग दबे; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी