
Rajasthan: 15 फीट लंबी और 7 फीट चौड़ी गोबर से भगवान गोवर्धन की आकृति बनाई गई, जिसे फूल, पीतांबर वस्त्रों, माला और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया. दूर-दूर से श्रद्धालुओं ने आकर गोवर्धन भगवान की मनमोहक प्रतिमा की आकृति के दर्शन किए. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सामूहिक 15 फीट बड़ा ओर 7 फीट चौड़ा 31 क्विंटल गोबर से बड़े आकार की गोवर्धन भगवान की प्रतिमा बनाई गई. शुभ मुहूर्त में गोवर्धन की पूजा अर्चना की.
गोवर्धन भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु
गोवर्धन पूजा के दौरान बड़ी संख्या श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचे. गोवर्धन पूजा के बाद सभी लोग मौजूद रहे. लोगों ने गोवर्धन भगवान की आरती की. परिक्रमा लगाकर जयकार लगाए. सुख-समृद्धि की कामना की. युवाओं ने गोवर्धन पूजा पर जमकर आतिशबाजी की. इस दौरान गोवर्धन पूजा देखने के लिए यहां महिला पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
गोवर्धन भगवान की परिक्रमा कर, सामूहिक पूजन की
गांव के मुनेश मीना ने बताया कि कई सालों से गांव में गोवर्धन भगवान का सामूहिक पूजन होती आ रही है, जिसमें गांव के सभी श्रद्धालु यहां आकर एक साथ पूजा-अर्चना करने के साथ परिक्रमा करते हैं.
भगवान श्रीकृष्ण के रूप में गोवर्धन की पूजा की
ग्रामीणों ने बताया कि गोवर्धन पूजा करने के पीछे धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण इंद्र का अभिमान चूर करना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाकर गोकुल वासियों की इंद्र से रक्षा की थी, उसी की खुशी में श्रीकृष्ण भगवान के रूप में गोवर्धन भगवान की पूजा की जाती है.
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