Rajasthan News: राजस्थान में डीग जिले की कामा विधानसभा से विधायक नौक्षम चौधरी ने जयपुर विधानसभा में अपने क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाया. उन्होंने शेर शायरी के अंदाज़ में अपनी बात रखते हुए विपक्ष पर करारा प्रहार किया और सभापति के सामने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं.
कामा को कहा जाता था जामताड़ा
विधायक नौक्षम चौधरी ने कहा कि एक समय कामा विधानसभा को साइबर अपराधों के कारण जामताड़ा के नाम से जाना जाने लगा था. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों के समय साइबर ठगों को शरण और संरक्षण मिलता रहा. उस दौर में दो हजार चीविंस पर करीब बयालीस हजार साइबर लोकेशन सामने आती थीं.
साइबर अपराधियों पर कसा शिकंजा
नौक्षम चौधरी ने बताया कि मौजूदा सरकार ने साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. वर्ष 2025 तक साइबर लोकेशन घटकर बारह हजार रह गई हैं. इस दौरान 332 के करीब मुकदमे दर्ज किए गए और 2235 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया है. उन्होंने कहा कि यह वही लोग थे जो आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालते थे.
कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप
विधायक ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले पचास वर्षों तक दलित अनुसूचित जनजाति और मुस्लिम समुदाय कांग्रेस का सबसे बड़ा वोट बैंक रहा. इसके बावजूद इन वर्गों को गरीबी रेखा से नीचे धकेल दिया गया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीति रही विकास नहीं.
कामा की स्थिति का दिया उदाहरण
नौक्षम चौधरी ने कामा विधानसभा का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां अल्पसंख्यक आबादी अधिक है लेकिन साक्षरता दर केवल 52 प्रतिशत है और रोजगार की स्थिति बेहद खराब है. उन्होंने कहा कि कामा विधानसभा में पिछले सत्तर सालों में एक भी बस स्टैंड नहीं बन पाया जबकि कांग्रेस ने करीब पचास साल तक शासन किया.
विकास और सुरक्षा का भरोसा
विधायक ने कहा कि मौजूदा सरकार क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत करने के साथ साथ शिक्षा रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर काम कर रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि कामा विधानसभा को अब पहचान अपराध से नहीं बल्कि विकास से मिलेगी.
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