मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सोमवार को जयपुर में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट–2026 में पहुंचे. इस दौरान सीएम यादव ने कार्यक्रम को संबोधित किया. मोहन यादव ने कहा कि जयपुर में हो रहा यह आयोजन केवल राजस्थान का नहीं, बल्कि राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार के साझा भविष्य का प्रतीक है. आने वाले समय की संभावनाओं को यदि कोई भांप सकता है तो वह राजस्थान है. मारवाड़ी वही होता है जो आपदा में से अवसर निकाल लेता है.
सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि प्रदेशों में प्रतिस्पर्धा जरूर है, लेकिन यह एक-दूसरे को गिराने वाली नहीं, बल्कि साथ लेकर आगे बढ़ने वाली है. विक्रमादित्य का काल और महाभारत का समय स्वर्णिम युग था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैसा ही स्वर्णिम काल देश में फिर से आया है. 40 साल पहले वर्ल्ड बैंक के माध्यम से लोगों ने देशों पर कब्जा करने की कोशिश की और जिस तरह रूस टूटा. वह लोकतंत्र की दुहाई देने वालों की सच्चाई को उजागर करता है. उन्होंने कहा कि दोनों ही प्रदेश पर्यटन में देश में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं.
मध्य प्रदेश को नदियों का मायका बताते हुए उन्होंने कहा कि बहता हुआ पानी कोई नहीं रोक सकता, जो सीधा बंगाल की खाड़ी तक जाता है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पानी को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि राजस्थान को 5 प्रतिशत पानी चाहिए था. कांग्रेस के समय विवाद चला, अब मध्य प्रदेश सरकार ने कहा कि 5 क्या, 7 प्रतिशत पानी भी देने को तैयार हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में अधिकारियों की भूमिका बेहद अहम है. उन्हें कलम चलानी होती है, लेकिन हम जनता से चुनकर आए हुए लोग हैं, हमसे कोई मांगेगा तो हम और ज्यादा लिख देंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की अड़चन नहीं होनी चाहिए.
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