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राजस्थान में 300 से ज्यादा बेरोजगार युवकों को NGO ने लगाया चूना, 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की हुई ठगी

प्रतापगढ़ क्षेत्र के 320 युवाओं के साथ एक करोड़ से ज्यादा की ठगी संस्था के नाम से की गई. मदर टेरेसा एजुकेशन एवं वेलफेयर आर्गेनाइजेशन द्वारा युवाओं को नौकरी देने का झांसा देकर प्रत्येक से 40 से 70 हजार रुपए तक की वसूली की गई.

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राजस्थान में 300 से ज्यादा बेरोजगार युवकों को NGO ने लगाया चूना, 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की हुई ठगी
प्रतापगढ़ में बेरोजगार युवकों से ठगी

Rajasthan News: राजस्थान के प्रतापगढ़ में एक एनजीओ द्वारा 300 से ज्यादा बेरोजगार युवकों को ठगने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि बेरोजगार युवकों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की गई है. एनजीओ ने बेरोजगार युवकों को नौकरी का वादा कर झांसे में लिया था. लेकिन सभी से ठगी कर ली गई. वहीं, इस घटना के बाद पीड़ित युवकों ने सहकारिता मंत्री गौतम दक को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई है. वहीं, इस मामले में कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं. सहकारिता मंत्री गौतम दक ने भी पीड़ित युवकों को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों से बात की और आवश्यक निर्देश दिये हैं. युवकों ने पुलिस अधीक्षक से भी न्याय की मांग की है.

यवकों से 40 से 70 हजार तक की गई वसूली

धरियावद निवासी गौरव मीणा और चिकलाड निवासी खानूराम मीणा ने बताया कि क्षेत्र में मदर टेरेसा एजुकेशन एवं वेलफेयर आर्गेनाइजेशन द्वारा युवाओं को नौकरी देने का झांसा देकर प्रत्येक से 40 से 70 हजार रुपए तक की वसूली की गई. प्रतापगढ़ क्षेत्र के 320 युवाओं के साथ एक करोड़ से ज्यादा की ठगी संस्था के नाम से की गई. पीड़ितों ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व जून 2022 में मधूरा तालाब निवासी प्रभुदयाल मीणा ने लोगों को रोजगार के लिए प्रेरित करते हुए धमोतर निवासी अंतिम कुमार मेघवाल से मिलवाया. जिसने बताया कि उन्हें ऑर्गनाइजेशन की ओर से बच्चों को पढ़ने के सेंटर शुरू करने के लिए परीक्षा देनी होगी. परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सभी को केंद्र संचालन करने का लाइसेंस दिया जाएगा. संचालकों को संस्था की ओर से मासिक भुगतान किया जाएगा. 

जमीन गिरवी रखकर दिये थे पैसे

इस पर सभी ने परीक्षा शुल्क जमा करवा कर परीक्षा दी. लेकिन उनमें से मात्र 5, 6 व्यक्ति ही उत्तीर्ण हुए. इस पर पीड़ितों ने अंतिम मेघवाल से बातचीत की तो उसने कहा कि मैं आपको पंजीकरण करवा कर योजना का लाभ दिलवा दूंगा. जिसके लिए  प्रत्येक व्यक्ति से उसने 40 से 70 हजार रुपए लिए. पीड़ितों द्वारा कुछ राशि नकद और कुछ ऑनलाइन भुगतान किया गया. कुछ बेरोजगारों ने अपनी जमीन गिरवी रखकर तो किसी ने गहने और पशु बेचकर रुपए एकत्रित किए थे. बाद में संस्था के लेटर पैड पर मेघवाल द्वारा जॉइनिंग लेटर भी दिया गया. उसके बाद पीड़ितों द्वारा क्षेत्र में बच्चों को पढ़ाने के लिए सेंटर शुरू कर दिए गए. 

पहले भी पुलिस को की गई थी शिकायत

दो-तीन माह तक तो सेंटर चले और कुछ लोगों को मानदेय भी संस्था की ओर से दिया गया. उसके बाद केंद्र होल्ड कर दिए गए. बाद में अंतिम कुमार से बात की गई तो उसने कहा कि आगे से सेंटर बंद कर दिए गए हैं जो राशि ली थी वह वापस लौटा दी जाएगी. काफी समय बीत जाने के बाद भी केंद्र शुरू नहीं हुए तो पीड़ितों ने अपनी राशि की मांग की जिस पर मेघवाल ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और कहा कि ज्यादा परेशान किया तो सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर लूंगा. इस बात की शिकायत पूर्व में भी पीड़ितों द्वारा पुलिस से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. आज पीड़ितों ने सहकारिता मंत्री गौतम दक से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई. जिस पर दक ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर मामले में कार्रवाई के निर्देश प्रदान किये.

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