लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राजस्थान आ रहे हैं. एक जून को पुष्कर पहुंचेंगे. वे यहां चल रहे कांग्रेस के 10 दिवसीय चिंतन और प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में शामिल होंगे. राहुल गांधी जिला कांग्रेस अध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे. कांग्रेस इसे संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद बता रही है. इस दौरे को राजस्थान कांग्रेस की भविष्य की राजनीति और संभावित संगठनात्मक बदलावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है.
पुष्कर में जिलाध्यक्षों का शिविर जारी
दरअसल, धार्मिक नगरी पुष्कर इन दिनों कांग्रेस के संगठनात्मक मंथन का केंद्र बना हुआ है. तिलोरा में आयोजित शिविर में राजस्थान के 50 और दिल्ली के 15 जिला कांग्रेस अध्यक्ष भाग ले रहे हैं. इसमें संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने को लेकर प्रशिक्षण दिया गया है. राहुल गांधी किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीधे शिविर स्थल जाएंगे.
संगठन को मजबूत करने के लिए अहम है शिविर
कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों के चयन की नई प्रक्रिया अपनाई है. उन्हें संगठन में ज्यादा अधिकार देने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं. ऐसे में पुष्कर का यह प्रशिक्षण शिविर केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से तैयार करने की बड़ी कवायद माना जा रहा है. संगठन को नए ढंग से खड़ा करने की कांग्रेस की कवायद के बीच राहुल गांधी का संबोधन राजस्थान कांग्रेस की भविष्य की रणनीति, संगठनात्मक बदलावों और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर कई संकेत दे सकता है.
संगठन में बदलाव को लेकर भी चर्चाएं!
पार्टी के भीतर राजस्थान की आगामी राजनीतिक रणनीति और संभावित संगठनात्मक बदलावों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. राजनीतिक हलकों में राजस्थान कांग्रेस संगठन में बदलाव की अटकलें भी लगाई जा रही हैं. इसके साथ ही आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भी वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा की संभावना जताई जा रही है. संभावना है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं. वहीं अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा सहित प्रदेश कांग्रेस के सभी बड़े नेता शिविर में मौजूद रहेंगे.
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