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राजस्थान में गर्मी से पहले प्रशासन अलर्ट, 290 गांव और 400 ढाणियों तक GPS टैंकरों से पहुंचेगा पानी

राजस्थान के बाड़मेर में हर साल गर्मियों में पानी की भारी किल्लत रहती है. इस बार प्रशासन ने पहले से तैयारी करते हुए 290 गांवों और 400 ढाणियों तक टैंकरों से पानी पहुंचाने की योजना बनाई है. 

राजस्थान में गर्मी से पहले प्रशासन अलर्ट, 290 गांव और 400 ढाणियों तक GPS टैंकरों से पहुंचेगा पानी
बाड़मेर में गर्मी से पहले पानी की समस्या को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है.

Rajasthan News: राजस्थान में थार के रेगिस्तानी इलाके बाड़मेर में हर साल गर्मी के साथ पेयजल संकट गंभीर रूप ले लेता है. दूर-दराज की ढाणियों में रहने वाले लोगों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है. इस चुनौती को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार गर्मी शुरू होने से पहले ही ठोस योजना तैयार कर ली है ताकि लोगों को पानी के लिए भटकना न पड़े.

290 गांव और 400 ढाणियां चिन्हित

प्रशासन ने जिले के 290 गांवों और करीब 400 ढाणियों को पहले से चिन्हित किया है जहां गर्मियों में पानी की सबसे ज्यादा कमी होती है. इन इलाकों में टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने इसके लिए विस्तृत योजना बनाकर राज्य सरकार को करीब 3 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है.

साथ ही 1 करोड़ रुपये तक की योजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर फैसले जल्दी लिए जा सकें और काम में देरी न हो.

टैंकरों में GPS सिस्टम होगा अनिवार्य

इस बार पानी की सप्लाई में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी टैंकरों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है. इससे टैंकर की लोकेशन तय रूट और पानी पहुंचाने का समय रीयल टाइम में देखा जा सकेगा.

GPS सिस्टम की मदद से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि टैंकर तय गांव और ढाणी तक समय पर पहुंचे. यदि कहीं देरी या गड़बड़ी होती है तो उसे तुरंत पकड़ा जा सकेगा.

उपखंड स्तर की कमेटियां रखेंगी निगरानी

टैंकरों के चयन से लेकर उनके संचालन तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी उपखंड स्तर पर गठित कमेटियां करेंगी. इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी प्रकार की लापरवाही की संभावना कम होगी.

1 अप्रैल से शुरू होगी व्यवस्था

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता हजारीराम बालवा के अनुसार 1 अप्रैल से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी. योजना का लक्ष्य है कि प्रभावित क्षेत्रों में हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 10 लीटर पेयजल उपलब्ध कराया जाए.

प्रशासन का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान भी हर गांव और ढाणी तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. GPS तकनीक के उपयोग से जल वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनने की उम्मीद है.

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