
Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव दहलीज पर हैं. 25 नवंबर को प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर एक साथ वोटिंग होनी है. अब सिर्फ 8 दिन का समय शेष रह गया है. इस बार चर्चा है कांग्रेस-बीजेपी के बागी नेता चुनावी में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं. ऐसे में दोनों की पार्टियों के दिग्गज नेता मिलकर बागियों को मनाने में जुट गए हैं.
गहलोत-पायलट कर चुके हैं शुरुआत
शुरुआत प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की परंपरागत सीट सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से करते हैं, जहां सीएम 4 निर्दलीय प्रत्याशियों को मनाने में कामयाब हो गए हैं. इसी तरह झालरापाटन विधानसभा सीट पर बीजेपी से बागी होकर चुनावी मैदान में उतरे दो नेताओं को भी वसुंधरा राजे ने मना लिया. इसी तरह सचिन पायलट और प्रताप सिंह खाचरियावास के सामने चुनाव लड़ने मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया है. प्रदेश में ये सिलसिला अभी भी जारी है.
बागी पप्पू कुरैशी भी गहलोत के साथ
राजधानी की राजधानी जयपुर की हवा महल सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी आर. आर. तिवारी का मुकाबला भाजपा के बालमुकुंदाचार्य से है. ऐसे में कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़ रहे पप्पू कुरैशी को भी गुरुवार देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मना लिया. पप्पू कुरैशी लंबे समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे. ऐसे में वे आम आदमी पार्टी की टिकट पर हवा महल सीट से चुनावी मैदान में उतर चुके थे. जिसके चलते कांग्रेस का अल्पसंख्यक वोट बैंक खिसक रहा था. इसको देखते हुए कल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हवा महल विधानसभा में हुई एक सभा के बाद पप्पू कुरैशी के घर पर पहुंचे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद पप्पू कुरैशी ने कांग्रेस को अपना समर्थन दे दिया.
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