विज्ञापन

"लोकतंत्र को कैसे नुकसान पहुंचाया जाता है, ये गहलोत बेहतर जानते हैं", विधानसभा अध्यक्ष देवनानी का पलटवार

कांग्रेस नेताओं की ओर से उठाए गए सवालों पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर भी तंज कसे.

"लोकतंत्र को कैसे नुकसान पहुंचाया जाता है, ये गहलोत बेहतर जानते हैं", विधानसभा अध्यक्ष देवनानी का पलटवार
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी

Rajasthan Assembly Speaker Vasudev Devnani: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर तल्ख जवाब दिया है.  कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा सत्र से पहले विधायकों के लिए जारी दिशा–निर्देशों को बेतुका और लोकतंत्र का गला घोंटने वाला बताया था. देवानानी ने पलटवार करते हुए कहा कि इसे लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है और यह दिखाने की कोशिश हो रही है कि विधानसभा में पहली बार कुछ नया हो रहा है, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा,"वे उनका सम्मान करते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने सत्र से पहले जारी बुलेटिन को ठीक से पढ़ा ही नहीं. लोकतंत्र का गला घोंटने जैसे आरोप लगाना गंभीर बात है, लेकिन लोकतंत्र को कैसे नुकसान पहुंचाया जाता है, यह गहलोत ज्यादा बेहतर जानते होंगे."

साल 2020 के बुलेटिन को ही बनाया गया मुद्दा

विधानसभा अध्यक्ष ने साफ किया कि जिस बुलेटिन पर आज सवाल उठाए जा रहे हैं, वह कोई नया नहीं है. उन्होंने साल 2020 के बुलेटिन संख्या 26 का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें भी यही निर्देश थे. उसके मुताबिक, यथासंभव बहुत लंबे प्रश्न नहीं होंगे और 5 साल से ज्यादा पुरानी जानकारी नहीं मांगी जाएगी.

देवनानी ने सवाल उठाया कि अगर यह बुलेटिन 2020 से लागू है, तो फिर 2026 में आकर इसे मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है? उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली उस समय सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, तब उन्हें इसमें कोई आपत्ति क्यों नहीं दिखी?

देवनानी का सवाल- ‘तुच्छ' शब्द पर राजनीति क्यों?

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष ने ‘तुच्छ' शब्द को लेकर भी आपत्ति जताई है, जबकि यह शब्द लोकसभा और अन्य विधानसभाओं की व्यवस्था से लिया गया है. उन्होंने ने कहा कि यह शब्द लोकसभा की तरफ से जारी निर्देशों में 1952 से शामिल है, जबकि अन्य विधानसभाओं में भी 1956 से इस दिशा निर्देशों में शामिल किया गया है. विधानसभा अध्यक्ष को प्रक्रिया तय करने का पूरा अधिकार है. 

27 जनवरी को बुलाई सर्वदलीय बैठक

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 27 जनवरी को दोपहर 3 बजे उनके चेंबर में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. उन्होंने सभी दलों और सदस्यों से अपील की कि वे बैठक में आकर सदन को बेहतर तरीके से चलाने के लिए अपने सुझाव दें.

यह भी पढ़ेंः "ट्रंप एक राजा जैसे हैं", आयरलैंड के पूर्व पीएम बोले- भारत दुनिया को लीड करने वाला देश होगा

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close