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This Article is From Mar 29, 2024

Rajasthan Politics: कांग्रेस के लिए 'संजीवनी' साबित होंगी ये दो नियुक्तियां! डोटसरा ने बाड़मेर में इन्हें सौंपी जिम्मेदारी

Barmer Congress New President: पिछले चार महीना से अनाथ चल रहे बाड़मेर जिला संगठन को दो नए जिलाध्यक्ष मिल गए हैं. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को इनकी नियुक्ति की है.

Rajasthan Politics: कांग्रेस के लिए 'संजीवनी' साबित होंगी ये दो नियुक्तियां! डोटसरा ने बाड़मेर में इन्हें सौंपी जिम्मेदारी
गफूर अहमद और गोपाराम मेघवाल बने बाड़मेर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष.

Rajasthan News: बाड़मेर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस जिला अध्यक्ष की बगावत के बाद खाली चल रहे बाड़मेर कांग्रेस के संगठन मुखिया के पद पर गुरुवार को पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने आदेश जारी करते हुए दो पूर्व राज्य मंत्रियों को जिलाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की है. ऐसे में संभवत एक नेता बाड़मेर कांग्रेस जिला संगठन में, वहीं दूसरे बालोतरा जिले के कांग्रेस के जिलाध्यक्ष होंगे.

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में बाड़मेर-बालोतरा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेह खान शिव विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस द्वारा अमीन खान को लगातार 10वीं बार टिकट देकर मैदान में उतारा था. जिसके बाद नाराज होकर फतेह खान ने जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था. लेकिन निर्दलीय चुनाव लड़ रहे रविंद्र सिंह भाटी से महज 3500 वोटो से चुनाव हार कर दूसरे नंबर पर रहे थे और कांग्रेस के प्रत्याशी को तीसरे नंबर पर धकेल दिया था, जिसके चलते कांग्रेस ने फतेह खान को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था. बगावत के बाद फतेह खान लगातार पूर्व विधायक एवं दिग्गज नेता अमीन खान के निशाने पर थे और उन्हें वापस पार्टी में लेने का विरोध कर रहे थे. लेकिन कुछ दिन पहले उनके विरोध को नजरअंदाज कर पीसीसी चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में उन्हें कांग्रेस में शामिल कर लिया गया था.

अमीन खान की नाराजगी होगी दूर?

गुरुवार को कांग्रेस द्वारा बाड़मेर की चौहटन विधानसभा सीट से सात बार विधायक रहे और सीमांत के गांधी कहे जाने वाले दिग्गज मुस्लिम नेता अब्दुल हादी के पुत्र 2008 से 2013 की गहलोत सरकार में अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रहे गफूर अहमद को बाड़मेर कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया गया है. गफूर अहमद और उनके परिवार को बाड़मेर के चौहटन और अल्पसंख्यक समुदाय में खास प्रभावशाली परिवार माना जाता है. गफूर अहमद की पत्नी समा बानो एक बार चौहटन और वर्तमान में धनाऊ पंचायत समिति से प्रधान हैं और 2023 के विधानसभा चुनाव में शिव से टिकट की दावेदारी भी की थी. गफूर अहमद को जिला अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर पूर्व विधायक अमीन खान लगातार समर्थन कर रहे थे, लेकिन फतेह खान की वापसी के बाद लगातार अमीन खान कांग्रेस पार्टी से नाराज चल रहे थे. ऐसे में गफूर अहमद को जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद संभावनाएं जताई जा रही हैं कि अमीन खान की नाराजगी को दूर करने के लिए भी यह नियुक्ति मानी जा रही है.

एससी आयोग के पूर्व अध्यक्ष को जिम्मेदारी

गुरुवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी एक आदेश में बाड़मेर से गफूर अहमद और गोपाराम मेघवाल को बाड़मेर कांग्रेस का जिला अध्यक्ष बनाया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि गफूर अहमद को बाड़मेर, वहीं 2008 से 2013 तक गहलोत सरकार में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रहे और सिवाना विधानसभा सीट से पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल को बालोतरा जिले की जिम्मेदारी सौंप गई है. ऐसे में देखने वाली बात होगी कि दोनों ही नेताओं की नियुक्ति के बाद आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका कितना फायदा मिलता है. पिछले चार महीना से बिना अध्यक्ष के अनाथ चल रहे बाड़मेर जिला संगठन के लिए दोनों ही नियुक्तियां संजीवनी साबित हो सकती है.

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