विजय हजारे ट्रॉफी 2025–26 में राजस्थान क्रिकेट टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है. टीम ने टूर्नामेंट में खेले गए 6 मुकाबलों में से सिर्फ एक में जीत दर्ज की जबकि, 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा. लगातार हार के बाद अब एडहॉक कमेटी और खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं.
99 रनों से पहला मैच हारे
राजस्थान का पहला मुकाबला मध्य प्रदेश के खिलाफ रहा, जिसमें टीम को 99 रनों से हार झेलनी पड़ी. इस मैच में राजस्थान की बल्लेबाजी लक्ष्य के दबाव में बिखर गई, और गेंदबाज भी विपक्षी बल्लेबाजों पर प्रभाव नहीं छोड़ सके. दूसरे मुकाबले में राजस्थान का सामना झारखंड से हुआ. इस मैच में भी राजस्थान को 73 रनों से हार का सामना करना पड़ा. बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके, और गेंदबाजी में भी निरंतरता की कमी साफ नजर आई.
लगातार तीसरी हार हुई
तीसरे मैच में राजस्थान की भिड़ंत त्रिपुरा से हुई. इस मुकाबले में राजस्थान को 66 रनों से हार मिली. लगातार तीसरी हार के साथ टीम का मनोबल गिरता नजर आया. चौथे मुकाबले में राजस्थान को टूर्नामेंट की एकमात्र जीत मिली. तमिलनाडु के खिलाफ खेले गए इस मैच में राजस्थान ने 10 रनों से जीत दर्ज की.
कर्नाटक टीम से सबसे बडे़ अंतर से हारे
पांचवें मैच में राजस्थान का सामना केरल से हुआ. इस मुकाबले में राजस्थान को 2 विकेट से करीबी हार झेलनी पड़ी. आखिरी ओवरों में मैच हाथ से फिसलता नजर आया और टीम दबाव में टूटती दिखाई दी. छठे और आखिरी मुकाबले में राजस्थान को कर्नाटक के खिलाफ 150 रनों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा. यह हार टूर्नामेंट में राजस्थान की सबसे बड़ी हार रही. इस मैच में राजस्थान की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पूरी तरह विफल नजर आई.
खराब प्रदर्शन के साथ ही टीम चयन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. आरोप है कि चयन समिति एडीहॉक कमेटी की आपसी गुटबाजी के चलते खिलाड़ियों का चयन प्रदर्शन के बजाय सिफारिशों के आधार पर किया जा रहा है.
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