Rajasthan Right to Health Act: राजस्थान हाई कोर्ट की ओर से प्रदेश की सरकार को नोटिस जारी किया गया है. दरअसल, राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर खंडपीठ ने राजस्थान राइट टू हेल्थ एक्ट, 2022 के तहत अब तक नियम न बनाए जाने को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया.
ढाई वर्ष बाद भी सरकार नहीं बना सकी राइट टू हेल्थ का नियम
यह याचिका डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता की ओर से अधिवक्ता देवकृष्ण पुरोहित ने दायर की है, जिसमें अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में हो रही देरी को चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार नियम नहीं बना सकी, जिससे कानून व्यवहारिक रूप से अप्रभावी है.
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा
खंडपीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य सरकार से जवाब मांगा है और महाधिवक्ता कार्यालय को याचिका की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. अधिनियम का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सरकारी व चिन्हित निजी अस्पतालों में मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है, लेकिन नियमों के अभाव में सेवाओं की सीमा व जिम्मेदारियां अस्पष्ट हैं.
यह भी पढ़ेंः SI भर्ती मामले में ED की चार्जशीट रिकॉर्ड पर लाने की मांग, राजस्थान हाई कोर्ट में अहम सुनवाई
यह भी पढ़ेंः कांग्रेस नेता आरसी चौधरी ने बीजेपी के 8 सांसदों का MPLADS फंड का दिया ब्योरा, अमित मालवीय से मांगा जवाब