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Rajasthan Election 2023: पति-पत्नी आए आमने सामने, दिलचस्प हुआ मुकाबला, जानिए किस सीट पर होगा ये चुनावी दंगल

वीरेन्द्र सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व पीसीसी चीफ नारायण सिंह के बेटे हैं. उनके पिता नारायण सिंह इस सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं.

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Rajasthan Election 2023: पति-पत्नी आए आमने सामने, दिलचस्प हुआ मुकाबला, जानिए किस सीट पर होगा ये चुनावी दंगल
सीकर:

Rajasthan Election 2023: सीकर जिले की दांतारामगढ़ विधानसभा सीट को लेकर कांग्रेस का उलझा पेंच शनिवार को सुलझ गया है. कांग्रेस ने दांतारामगढ़ सीट के पत्ते खोलते हुए एक बार फिर से विधायक वीरेंद्र सिंह पर अपना भरोसा जताते हुए उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है. हालांकि दांतारामगढ़ से मौजूदा विधायक वीरेंद्र सिंह ने पहले ही कांग्रेस से अपना पर्चा भर दिया था.

शनिवार रात जारी हुई कांग्रेस की छठी सूची में वीरेंद्र सिंह के नाम पर मोहर लगी चुकी है. अब कांग्रेस में सिर्फ जिले में धोद विधानसभा सीट को लेकर शीर्ष नेतृत्व में संशय बना हुआ है.

पति-पत्नी होंगे आमने-सामने

जिले की दांतारामगढ़ विधानसभा सीट पर इस बार चुनावी मुकाबला बड़ा ही रोचक और दिलचस्प होने वाला है. क्योंकि एक ओर जहां दांतारामगढ़ विधानसभा से कांग्रेस ने विधायक वीरेंद्र सिंह को एक बार फिर अपना प्रत्याशी बनाया है तो वहीं दूसरी ओर उनके सामने जननायक जनता पार्टी से उनकी पत्नी और पूर्व जिला प्रमुख डॉ. रीटा सिंह चौधरी है. अब आगामी चुनाव में देखना यह है कि दांतारामगढ़ की जनता किसे कितने वोट देकर अपना समर्थन देती है. पति-पत्नी के आमने-सामने होने वाले इस रोचक चुनावी मुकाबले की चर्चा इलाके में काफी जोरशोर से चल रही है.

ज्ञात रहे कि पूर्व जिला प्रमुख रीटा सिंह ने कुछ महीने पहले ही हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला की मौजूदगी में कांग्रेस छोड़ जननायक जनता पार्टी का दामन थामा था.

पारिवारिक मतभेद के चलते ज्वाइन की JJP

रीटा सिंह के पार्टी में शामिल होने के साथ ही उन्हें प्रदेश महिला विंग की अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी. इसके बाद सीकर जिला मुख्यालय पर जेजेपी की ओर से पूर्व उप प्रधानमंत्री स्व. देवीलाल की जयंती पर बड़ी सभा का आयोजन किया गया था. जिसमें भी पूर्व जिला प्रमुख रीटा सिंह अतिथियों में शामिल रही. रीटा सिंह कांग्रेस से सीकर की जिला प्रमुख भी रह चुकीं है. 

लेकिन बाद में पारिवारिक मतभेदों के चलते वर्ष 2018 से पति और पत्नी की राजनीतिक राहें अलग हो गईं. मामला जब ज्यादा बढ़ा तो रीटा ने पिछले दिनों जननायक जनता पार्टी का दामन थाम लिया. उसके बाद जेजेपी ने रीटा को पार्टी के महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी बना दिया था. लगभग उसी समय यह तय हो गया था कि रीटा सिंह दांतारामगढ़ से चुनाव लड़ेंगी.

जाट बहुल सीट होने के कारण जेजेपी का दबदबा 

जननायक जनता पार्टी की ओर से पिछले दिनों जिले में तूफानी चुनावी दौरा शुरू किया था. इसी दौरान दांतारामगढ़ में भी रोड शो का आयोजन किया गया था. जिसमें हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला और रीटा सिंह, राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला सहित जेजेपी के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे थे. दरअसल इस क्षेत्र में जाट समाज की संख्या अधिक होने के कारण जेजेपी इस सीट को जीतने की पुरजोर कोशिश कर रही है.

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