राजस्थान के टोंक जिले में खुदाई में मिले रहस्यमयी घड़े (देग) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. सोमवार को जयपुर से पहुंची पुरातत्व विभाग (ASI) की टीम ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि रहस्यमयी घड़े में क्या था. उधर टीम की जांच के बीच पुलिस ने दो युवकों को भी गिरफ्तार किया है. जिनके पास से नकली सोने की ईंट बरामद हुई है. पुलिस का कहना है कि नकली सोने की ईंटों को असली बताकर दोनों किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे.
जमीन पर मिले थे चप्पल और गुलाब के फूल-पत्तियां
दरअसल, शनिवार को निवाई के देवरी गांव में चारागाह जमीन पर चप्पल और गुलाब के फूल पत्तियों के साथ ही बड़ी गाड़ी के टायरों के निशान मिले. उस जगह पर किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई और जेसीबी मशीन से खुदाई हुई तो जमीन के अंदर से एक देग (घड़ा ) मिला, जिसको ग्रामीणों ने गड़ा हुआ खजाना बताया. इस पर पुलिस की टीम देग को अपने कब्जे में लेकर पुरानी तहसील कार्यालय स्थित उपकोषाधिकारी कार्यालय के अंदर सील करवाकर रख दिया.
इसके बाद सोमवार को जयपुर से एएसआई की टोंक में जमीन से निकले रहस्यमयी घड़े की जांच के लिए पहुंची. जांच के बाद ASI अधीक्षक नीरज त्रिपाठी ने बताया कि बड़ा अजीब मामला था. पुलिस की जांच में अलग ही मामला सामने आया है, जिस गांव में रहस्यमयी घड़ा मिला, उसी गांव के लोगों के द्वारा शरारती व्यवहार किया है. हम लोगों ने घड़ा देखा और साइट पर भी जाकर निरीक्षण किया. टीम ने पूरी जांच की वीडियो रिकॉर्डिंग की और रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपने की तैयारी कर रही है.

नकली सोने की ईंट के साथ 2 गिरफ्तार
ASI के अधिकारी ने बताया कि यह घटना किसी ठगी की साजिश का हिस्सा लगती है, क्योंकि घड़ा भी पुराना नहीं था. घड़े में ताजा मिट्टी और हरे घास के टुकड़े मिले, जिससे साफ लग रहा कि किसी शरारती तत्व की हरकत लग रही है. साइट पर भी कोई ऐसे निशान नहीं मिले, जो प्राचीन सभ्यता रही हो. उधर निवाई पुलिस ने सिंदड़ा गांव के दो युवकों (मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा) को नकली सोने की ईंटों के साथ गिरफ्तार किया है.

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी तंत्र-मंत्र के नाम पर गड़ा हुआ धन बताकर ठगी की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. हालांकि, अभी तक इनका देवरी में मिली डेग से सीधा संबंध सामने नहीं आया है. DSP रवि शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने चाकसू में भी ठगी की कोशिश की थी और निवाई में भी प्रयास किया था. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है.