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बीजेपी नेताओं की बयानबाजी पर संगठन महामंत्री सख्त, पहली मीटिंग में सोशल मीडिया पोस्ट पर भी दी नसीहत

बीजेपी के संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने पार्टी की पहली बैठक ली. इस मीटिंग में संगठन के भीतर अनुशासन और सार्वजनिक मंच पर बयानबाजी को लेकर निर्देश दिए.

बीजेपी नेताओं की बयानबाजी पर संगठन महामंत्री सख्त, पहली मीटिंग में सोशल मीडिया पोस्ट पर भी दी नसीहत
राजस्थान बीजेपी के संगठन महामंत्री अजेय कुमार का कड़ा संदेश.

राजस्थान बीजेपी के संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने रविवार (7 जून) पहली बैठक ली. उन्होंने संगठन के भीतर अनुशासन, कार्यशैली और संवाद व्यवस्था को लेकर कड़ा संदेश दिया. सोशल मीडिया पर संगठन से जुड़े संदेशों और गतिविधियों को लेकर गंभीर चर्चा हुई. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक राजस्थान भाजपा में नई कार्यशैली की शुरुआत का संकेत है. इसमें अनुशासन और जवाबदेही पर अधिक जोर दिया गया. हालांकि, पार्टी के लिए असली चुनौती यह होगी कि वर्षों से बने स्थानीय समीकरणों और कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं के बीच इस नई सख्ती को किस तरह संतुलित किया जाता है.

सीधा मैसेज- मतभेद सार्वजनिक ना हो 

सूत्रों के अनुसार, कुछ पोस्ट और सार्वजनिक बयानों को लेकर नाराजगी भी जताई गई है. यह साफ संदेश दिया गया कि संगठन के भीतर किसी भी प्रकार की असहमति या मतभेद का समाधान पहले आंतरिक स्तर पर किया जाना चाहिए, ना कि उसे सार्वजनिक मंचों पर ले जाया जाए. साथ ही यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया पर कंटेंट को लेकर आने वाले समय में नए दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं.

प्रवक्ता-पैनलिस्ट की संख्या भी हो सकती है कम!

प्रदेश में प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों की संख्या को लेकर भी चर्चा हुई. बताया जा रहा है कि करीब 65 पैनल और प्रवक्ताओं की सूची पहले से तैयार है. इस पर बैठक में सवाल उठे कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवक्ताओं की आवश्यकता और उनकी वास्तविक उपयोगिता कितनी प्रभावी है. संकेत दिए गए कि अब इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में चयन का आधार केवल संख्या नहीं बल्कि दक्षता, संवाद क्षमता और प्रभावशीलता होगा. 

संगठन महामंत्री ने कई मुद्दों पर दिशा-निर्देश जारी किए.

संगठन महामंत्री ने कई मुद्दों पर दिशा-निर्देश जारी किए.

पोस्टर-बैनर पार्टी की प्राथमिकता नहीं

बैठक में पार्टी के सार्वजनिक प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश देने के तरीकों पर भी सख्त मैसेज दिया गया. होर्डिंग, फ्लेक्स, स्वागत बैनर, फूल-मालाओं और दिखावे की राजनीति को अजेय कुमार ने कहा कि यह अब संगठन की प्राथमिकता नहीं रहेगी. कार्यकर्ताओं को संदेश दिया गया कि संगठन में पहचान का आधार केवल जमीनी कार्य, रिपोर्टिंग और वास्तविक प्रदर्शन होगा, ना कि प्रदर्शन या प्रचार सामग्री.

लोकल लीडरशिप पर भी रहेगी कड़ी नजर

इसके साथ ही संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया. जिला और मंडल स्तर पर फीडबैक सिस्टम को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की बात सामने आई. कार्यकर्ताओं की भागीदारी, स्थानीय नेतृत्व की रिपोर्टिंग और कार्यक्रमों की निगरानी को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में काम करने के संकेत भी दिए गए.

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