
Jodhpur News: राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की करारी हार हुई है. वहीं, विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी इस बात का कारण जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर कहां चूक हुई है. जोधपुर में रविवार (11 दिसंबर) को उत्तर और दक्षिण कांग्रेस जिला अध्यक्ष के संयुक्त तत्वावधान में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई. जिसमें हार के कारणों पर मंथन किया गया. इस बैठक में चुनाव में हार का कारण बताते हुए कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा. कार्यकर्ताओं ने अशोक गहलोत के करीबियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि आम कार्यकर्ता तो मुख्यमंत्री आवास तक पहुंच भी नहीं पाते थे. मुख्यमंत्री के ओएसडी उन्हें सीएम से मुलाकात नहीं करने देते थे. जबकि उनके पहले कार्यकाल में ओएसडी ठाकुरदास को लेकर कहा गया कि वह कार्यकर्ताओं की सारे काम करवाया करते थे.
कार्यकर्ताओं का कहना है कि दूसरे कार्यकाल में कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो पाए थे. इस वजह से काफी नुकसान हुआ. इसके अलावा संगठन में सारे पुराने कार्यकर्ता ही हैं, नए चेहरे जोड़े नहीं जा रहे हैं.
टिकट वितरण पर कार्यकर्ताओं के बीच छीड़ी बहस
टिकट वितरण को लेकर जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता इंदु शेकर पारीक ने कहा कि, जब सभी कार्यकर्ताओं ने एक लाइन का प्रस्ताव अशोक गहलोत पर छोड़ते हैं. तो फिर दूसरी कमियां निकालना सही नहीं है. हर कार्यकर्ता अलग-अलग बात करता है लेकिन किसी ने टिकट को लेकर बहिष्कार नहीं किया. इस बात पर कांग्रेसी नेता प्रीतम शर्मा ने कहा कि आप कैसे कह सकते है कि बहिष्कार नहीं किया. इस बात पर कार्यकर्ताओं के बीच में बहस छिड़ गई और माहौल काफी गरम हो गया. दरअसल, सूरसागर विधानसभा सीट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी रोष देखने को मिला था और उस एक टिकट की वजह से कांग्रेस को करीब 8 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा.
कार्यकर्ताओं ने लगाई शिकायतों की झड़ी
बैठक में पार्षद प्रकाश लुनिया ने कहा कि पहले चुनाव पार्टी व फिर जातिवाद को लेकर होते थे. लेकिन अब स्वर्ण ओबीसी एससी एसटी को लेकर हो गए हैं. ऐसे में हम सब साथ कैसे रहेंगे और यहां तक की मेरे वार्ड में कोई कांग्रेसी कार्यकर्ता नहीं हैं. प्रकाश लुनिया ने कहा कि सूरसागर विधानसभा क्षेत्र के टिकट को लेकर शुरू से ही विरोध था पार्टी जब टिकट पहले ही तय कर चुकी होती है तो फिर पर्यवेक्षको को आने जरूरत ही क्या है. वहीं, नरेंद्र राज बोहरा ने कहा कि हमारे सोशल मीडिया ने प्रत्याशियों के प्रचार को लेकर कोई खबर तक नहीं चलाई तो वही महिला कांग्रेसी नेता उषा गर्ग ने कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर नाराजगी जताई.
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राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने कहा कि अगर कार्यकर्ताओं की अनदेखी होती है. तो यह बहुत चिंता की बात है. बिना कार्यकर्ताओं के कोई चुनाव नहीं जीता जा सकता. कार्यकर्ता सिर्फ मान सम्मान का भूखा है अब हमें सब कुछ भूलकर आगे बढ़ना होगा और लोकसभा चुनाव की तैयारी एकजुट कर करना होगा.
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