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कहीं खुशी, कहीं गम... 9 जिले समाप्त किए जाने पर राजस्थान के लोगों की क्या है राय? आंदोलन की तैयारी

राजस्थान में सरकार के नए जिले रद्द करने के फैसले के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. लेकिन नीमकाथाना जिले में एक अजीब घटना सामने आई. जहां एक तरफ लोग पुतला फूंक रहे हैं और एक तरफ मिठाई बांट रहे हैं.

कहीं खुशी, कहीं गम... 9 जिले समाप्त किए जाने पर राजस्थान के लोगों की क्या है राय? आंदोलन की तैयारी
यह तस्वीर नीमकाथाना की है जहां एक तरफ लोग पुतला जला रहे हैं और दूसरी तरफ मिठाई बांट रहे हैं.

Rajasthan News: राजस्थान में भजनलाल सरकार की कैबिनेट में गहलोत सरकार बने नए जिले और नए संभाग रद्द कर दिए हुए हैं. जिसके बाद प्रदेश के की कुछ जिलों में खुशी तो कुछ में गम छा गया है. जिसमें सीकर को संभाग से हटाने के निर्णय का सीकर में भी विरोध शुरू हो चुका है. इसके साथ कांग्रेस पार्टी ने भी 1 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी दे दी है.

सीकर जिला मुख्यालय पर आज छात्रसंघ एसएफआई और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग को निरस्त करने के विरोध में शहर के कल्याण सर्किल पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला फूंककर आक्रोश व्यक्त किया.

वहीं दूसरी तरफ नीमकाथाना को जिला हटाए जाने पर खेतड़ी में भी खुशी की लहर दिखाई दी. वहां लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई देकर जिला हटने की बधाई दी और प्रदेश की भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया.  

चुनाव हारने के कारण रद्द किया संभाग

एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष जाखड़ में माकपा के राम रतन बगड़िया ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से राजनीतिक व्यवस्था के चलते सीकर संभाग और नीमकाथाना जिले को निरस्त करने का निर्णय किया गया है. जो सीकर की जनता के साथ दुर्व्यवहार और दोगला व्यवहार है.

नीमकाथाना विधानसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस के सुरेश मोदी को नीमकाथाना की जनता ने जीताया था. वहीं सीकर की जनता ने लोकसभा चुनाव में भी कॉमरेड अमराराम को अपना समर्थन दिया और भारी बहुमत से जीतकर लोकसभा में भेजा. इसी कारण राजनीतिक व्यवस्था के चलते भाजपा सरकार ने नीमकाथाना जिला और सीकर संभाग को निरस्त करने का काम किया है. 

खेतड़ी में दौड़ी खुशी की लहर

वहीं खेतड़ी जिला संघर्ष समिति के कार्यकर्ता एडवोकेट संजय सुरोलिया, डॉक्टर सोमदत्त भगत, हरमेंद्र चनानिया ने बताया कि रियासत काल में खेतड़ी की परिधि कोटपूतली तक हुआ करती थी. लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार ने खेतड़ी की अनदेखी करते हुए नीमकाथाना को जिला बना दिया. इसको लेकर संघर्ष समिति ने खेतड़ी को जिला बनाने की मांग रखी और कई बार धरना प्रदर्शन और आंदोलन किया. 

लेकिन आज जब राजस्थान सरकार के द्वारा नीमकाथाना को जिला हटाया है तो सबसे बड़ा फायदा खेतड़ी को मिला है. अब आने वाले समय में जब भी नए जिले बनाने की बात होगी तो खेतड़ी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. इसी को लेकर संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई और खुशी का इजहार किया.

नीमकाथाना के लिए होगा बड़ा आंदोलन

इसी बीच पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा नीमकाथाना के लोगों की 50 साल से नीमकाथाना को जिला बनाने की मांग थी. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में वह मंत्री थे. खेतड़ी विधायक जितेंद्र सिंह, श्रीमाधोपुर विधायक दीपेंद्र सिंह ओर नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने मुख्यमंत्री से नीमकाथाना जिला को लेकर मांग की थी. हम सभी ने मिलकर नीमकाथाना को जिला बनाने का किया था.

इसके बाद वह मांग पूरी हुई और नीमकाथाना को जिला बनाया गया. उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार ने जनता के मुंह से निवाला छीनने का काम किया है. आगे उन्होंने कहा नीमकाथाना जिले को यथावत रखने की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा. नीमकाथाना जिले बनने के सारे मापदंड पूरे रखता था.

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