Rajasthan Panchayat Chubav 2026: राजस्थान में पंचायत चुनाव में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है. इस संबंध में कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया था. हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सक्षम मंच के सामने उपयुक्त उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने बिहारी लाल रणवा बनाम राज्य राजस्थान और अन्य मामले की सुनवाई की. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुर रस्तोगी उपस्थित हुए, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने पक्ष रखा.
सरकार ने 15 अप्रैल तक चुनाव का दिया था आश्वासन
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने यह तर्क दिया कि राजस्थान सरकार चुनाव प्रक्रिया में देरी का प्रयास कर रही है. जबकि इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष यह आश्वासन दिया गया था कि चुनाव प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी. याचिकाकर्ता ने शीर्ष न्यायालय से हस्तक्षेप का आग्रह किया, ताकि चुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर संपन्न हो सके.
सुप्रीम कोर्ट ने की ये टिप्पणी
हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि इस चरण पर वह मामले में हस्तक्षेप करने के लिए इच्छुक नहीं है. पीठ ने यह भी कहा कि अगर 15 अप्रैल तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने संबंधी उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन को लेकर याचिकाकर्ता को कोई शिकायत है तो वह कानून के अनुसार उच्च न्यायालय या किसी अन्य उपयुक्त मंच के समक्ष जाने के लिए स्वतंत्र है. यानी अगर चुनाव प्रक्रिया से संबंधित समयसीमा या निर्देशों के उल्लंघन का कोई आरोप होता है तो याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय के समक्ष जाने के लिए स्वतंत्र रहेगा.
यह भी पढ़ेंः मुसीबत में राजस्थान का टूरिज्म सेक्टर... जैसेलमेर में 150 रिसॉर्ट होने जा रहे बंद! LPG किल्लत बढ़ा रहा है संकट