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पहले बनाई ड्रग्स फैक्ट्री... फिर पाप उतारने के लिए की चार धाम यात्रा, 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा से पहले पकड़ा गया

रमेश सस्ती तकनीक से कास्टिक सोडा और इथाइल अल्कोहल जैसी चीजों का इस्तेमाल कर 5 से 7 दिन में MD ड्रग तैयार करता था. करीब 1 लाख रुपये की लागत से बनी ड्रग को वह बाजार में 30 लाख रुपये तक में बेचता था.

पहले बनाई ड्रग्स फैक्ट्री... फिर पाप उतारने के लिए की चार धाम यात्रा, 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा से पहले पकड़ा गया
शातिर ड्रग फैक्ट्री चलाने वाला रमेश

Rajasthan News: राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई कर ड्रग्स फैक्ट्री चलाने वाले मोस्ट वांटेड अपराधी रमेश को गिरफ्तार किया है. रमेश ने पश्चिमी राजस्थान में MD ड्रग की फैक्ट्री बनाई थी. जहां से देश भर में नशे की सप्लाई की जा रही थी. बताया जाता है कि 12वीं फेल रमेश जेल में सजा काटने के दौरान एक डॉक्टर के संपर्क में आया था, इसके बाद उसने MD ड्रग बनाना शुरू किया था. वहीं पुलिस छापेमारी में खुलासा होने के बाद रमेश अपने पाप उतारने के लिए चार धाम की यात्रा की. वहीं अब वह 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा की प्लानिंग की थी. लेकिन ANTF ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

शातिर रमेश का बिना मोबाइल फोन बड़ा नेटवर्क

आरोपी रमेशबाड़मेर जिले का रहने वाला है और उस पर 31 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना में MD ड्रग बनाने और सप्लाई करने का बड़ा नेटवर्क चला रहा था. वह पहले कई बार अलग-अलग राज्यों की जेलों में भी जा चुका है. आईजी ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर था. वह किसी के संपर्क में नहीं रहता था और मोबाइल फोन तक का इस्तेमाल नहीं करता था. कुछ समय पहले जयपुर के बरकत नगर इलाके में उसके ठिकानों पर छापा मारा गया था, लेकिन वह फरार हो गया था.

आरोपी कोलकाता में रहकर MD ड्रग फैक्ट्री लगाने की कोशिश कर रहा था. उसके सप्लायर पुणे से जुड़े हुए थे और वह अक्सर हवाई यात्रा करता था. इसी इनपुट के आधार पर ANTF ने कोलकाता, जयपुर और पुणे एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई.

गंगासागर यात्रा से पहले हुई गिरफ्तारी

जांच में सामने आया कि बरकत नगर के जिस स्थान पर छापा पड़ा था, उससे जुड़े उसके हावड़ा और कोलकाता में भी ठिकाने थे. आरोपी कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में रह रहा था और धार्मिक यात्राओं की आड़ में अपने कारोबार को छुपा रहा था. वह 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम और गंगासागर यात्रा की तैयारी कर चुका था. गंगासागर यात्रा की बुकिंग ट्रैवल एजेंट से करवाई थी. इसी सूचना के आधार पर ANTF ने उसे हावड़ा से गिरफ्तार कर लिया. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी 8वीं से 12वीं तक फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था. शुरुआत में उसने वाहन चोरी की, फिर शराब और नशे के तस्करों से जुड़ गया. महाराष्ट्र की जेल में डॉ. बिरजू नामक आरोपी से मुलाकात के बाद उसने MD ड्रग बनाना सीखा और कारोबार शुरू कर दिया.

आरोपी ने राजस्थान में कई अवैध MD फैक्ट्रियां लगाईं. वह अनिल, रमेश और रामलाल जैसे अलग-अलग नामों से काम करता था. असम और मणिपुर में भी उसकी गतिविधियां सामने आई हैं.

सस्ती तकनीक से बनाता था MD ड्रग

वह सस्ती तकनीक से कास्टिक सोडा और इथाइल अल्कोहल जैसी चीजों का इस्तेमाल कर 5 से 7 दिन में MD ड्रग तैयार करता था. करीब 1 लाख रुपये की लागत से बनी ड्रग को वह बाजार में 30 लाख रुपये तक में बेचता था. काले धन से उसने कई संपत्तियां भी बनाई थीं. हैरानी की बात यह है कि खुद फेल होने के बावजूद वह 12वीं के छात्रों को केमिस्ट्री की ट्यूशन भी पढ़ाता था.

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