राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की सदस्य संगीता आर्य का इस्तीफा राज्यपाल हरिभाऊ बागडे (Haribhau Bagade) ने स्वीकार कर लिया है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद, कार्मिक विभाग ने एक आदेश जारी कर बताया कि इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. आर्य ने पिछले साल नवंबर में अपना इस्तीफा राज्यपाल हरिभाऊ बागडे को भेजा था.
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट से डॉ. संगीता आर्य का फोटो और विवरण हटा दिया गया. डॉ. संगीता आर्य का नाम हटने के बाद अब राजस्थान लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर कुल सात सदस्यों के नाम दर्ज हैं. इन सात सदस्यों में बाबूलाल कटारा के नाम के आगे निलंबित दर्ज है.
2020 में आर्य बनी थीं RPSC की सदस्य
अक्टूबर 2020 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आर्य को आरपीएससी का सदस्य नियुक्त किया था और उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में खत्म होना था. वह राज्य के पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी हैं. डॉ. संगीता आर्य के इस्तीफे के साथ ही राजस्थान लोक सेवा आयोग में अब कोई भी महिला सदस्य नहीं बची है.
राजस्थान हाईकोर्ट ने की थी तल्ख टिप्पणी
एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश के साथ RPSC के पूर्व अध्यक्ष सहित सदस्यों पर तल्ख टिप्पणी की थी. इसके बाद RPSC सदस्य मंजू शर्मा ने भी सितंबर में इस्तीफा दे दिया था. फिर नवंबर में संगीता आर्या ने भी इस्तीफा दे दिया था.
कोर्ट ने RPSC के सदस्यों पर खड़ा किया था सवाल
अदालत ने कहा था कि सदस्यों की संलिप्तता आरपीएससी के भीतर प्रणालीगत भ्रष्टाचार को दर्शाती है, जिससे साक्षात्कार और लिखित परीक्षा, दोनों चरणों में भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता से समझौता हुआ है.
डॉ. मंजू शर्मा ने नैतिक आधार पर पद छोड़ा था
कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद आयोग की सदस्य डॉ. मंजु शर्मा ने इस्तीफा दे दिया. उन्होंने तब राज्यपाल को भेजे पत्र में लिखा कि भले ही उनके खिलाफ कोई जांच लंबित नहीं है लेकिन आयोग की गरिमा और पारदर्शिता को सर्वोपरि मानते हुए वे नैतिक आधार पर पद छोड़ रही हैं.
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