
Rajasthan Tonk News: राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री ओर टोंक से विधायक सचिन पायलट अपने दो दिवसीय टोंक दौरे के दूसरे दिन सूर्याताल पुरा गांव पंहुचे, जहां उन्होंने नाबालिग मृतक के परिवार से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की . साथ ही, पुलिस अधिकारियों को जल्द से जल्द 4 दिन पहले 13 साल के नाबालिग छात्र अमरीश मीणा की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए.
पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया था कि, जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी होगी, लेकिन घटना के 6 दिन बाद भी अब तक भी पुलिस के हाथ खाली हैं. जबकि पुलिस अधीक्षक से लेकर आईजी अजमेर रेंज तक घटना स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं, ऐसे में गुरुवार की सुबह सचिन पायलट ने गांव पंहुचकर घरवालों के साथ अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि जल्द ही हत्यारे पुलिस की पकड़ में होंगे.
मृतक के परिवार को ढांढस बंधाने के बाद मीडिया से बात करते हुए पायलट ने कहा कि, मैंने इस मामले में खुद टोंक एसपी से बात की है और जल्द से जल्द इसका खुलासा किया जाएगा. उन्होंने कहा, एसपी ने बताया है कि साइबर टीम के साथ ही 25 लोगों की टीम मामले की छानबीन कर रही है.
क्या है पूरा मामला
बीते शनिवार को टोंक ज़िले के मेंदवास थाना क्षेत्र में 13 साल के 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की हाथ-पैर बंधा कुएं में लटकी लाश मिलने से सनसनी फेल गई थी. ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पंहुची पुलिस ने नाबालिग बालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया .
ग्रामीण हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने और मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए देने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे. उनकी मांग थी कि जब तक हत्यारे गिरफ्तार नहीं होंगे,शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे. बाद में पुलिस अधीक्षक राजर्षि राज ने ग्रामीणों से समझाने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया.
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