
Rajasthan By Election: राजस्थान में उपचुनाव के प्रचार के लिए राजनीतिक दल लगातार रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के बीच उदयपुर की सलूंबर विधानसभा सीट पर निर्वाचन अधिकारी ने 17 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. रिटर्निंग अधिकारी ने उपचुनाव में पार्टी विशेष का प्रचार करने के लिए राज्य सरकार के 17 कर्मचारियों को एपीओ कर दिया. ये सभी सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर तैनात थे.
अमृत लाल मीणा के निधन से खाली हुई सीट
दरअसल, बीजेपी विधायक अमृतलाल मीणा के निधन के बाद सलूंबर सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं. 13 नवंबर को इस सीट पर उपचुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे, जबकि 23 नवंबर को चुनाव परिणाम घोषित होगा. उपचुनाव में सलूंबर विधानसभा सीट से बीजेपी ने अमृत लाल मीणा के निधन के बाद उनकी पत्नी शांता देवी को टिकट दिया है. वहीं कांग्रेस से रेशमा मीणा उपचुनाव लड़ रही हैं, जबकि भारत आदिवासी पार्टी ने जितेश कटारा को सलूंबर से अपना उम्मीदवार बनाया.
शांता देवी ने 20 कर्मचारियों को लगाया था आरोप
इस बीच बीजेपी प्रत्याशी शांता देवी ने 02 नवंबर को जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर एक शिकायत दी थी. जिसमें उन्होंने उपचुनाव में राज्य सरकार के 20 सरकारी कर्मचारियों पर भारत आदिवासी पार्टी का प्रचार करने का आरोप लगाया था. पत्र में बीजेपी प्रत्याशी ने लिखा कि उपचुनाव में राज्य सरकार के कर्मचारी दल विशेष का प्रचार प्रसार कर रहे हैं. जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए ठीक नहीं है.

17 कर्मचारियों को किया गया एपीओ
उन्होंने आगे लिखा कि इसके कारण उन्हें उनके पदस्थान व निवास स्थान से हटाकर दूर स्थान पर चुनाव तक पदस्थापित किया जाना आवश्यक है. शांता की देवी की इस शिकायत पर रिटर्निंग अधिकारी ने सोमवार को आदेश जारी करके 17 कर्मचारियों को एपीओ कर दिया.
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