सब इंस्पेक्टर भर्ती (SI exam-2021) पेपरलीक मामले में 4 आरोपियों को जमानत मिल गई है. राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपी कैलाश कुमार, मंगलाराम, परमेश चौधरी और आरोपी विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को जमानत दी है. इस मामले में सह-आरोपियों को समकक्ष पीठ और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. जस्टिस विनोद कुमार भारवानी की एकलपीठ ने चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं स्वीकार करते हुए राहत दी. इस मामले में कैलाश कुमार व मंगलाराम पर डमी कैंडिडेट शेर सिंह से परीक्षा दिलवाने का आरोप है. जबकि विनोद रेवाड़ और परमेश चौधरी के खिलाफ पेपर खरीदने-बेचने का केस दर्ज है.
कोर्ट में दी दलील- झूठे मामले में फंसाया गया
याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट राजेश गोस्वामी, प्रिंसिपल सिंह, जय भारद्वाज, गर्वित सारस्वत और शिव जांगिड़ ने पैरवी की. उन्होंने अदालत को बताया कि इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. आरोपियों को झूठे फंसाया गया है और सभी लंबे समय से जेल में हैं.
आरोपी विनोद कुमार लंबे समय से फरार
आरोपियों के वकीलों की दलील के बाद विशेष लोक अभियोजक ने विरोध किया. उनका कहना था कि विनोद कुमार लंबे समय फरार रहा और बाकी आरोपियों ने पेपर खरीदकर परीक्षा दी. अपराध की गंभीरता के चलते जमानत न दी जाए.
कोर्ट ने माना- ट्रायल में देरी संभव
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि आरोपी लंबे समय से हिरासत में हैं, ट्रायल में देरी संभव है और सह-आरोपियों को जमानत मिल चुकी है. ऐसे में गुण-दोष पर राय दिए बिना जमानत मंजूर की गई.
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