
Martyr Ratanlal Gurjar News: राजस्थान के सीकर में आईटीबीपी के जवान रतनलाल गुर्जर का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के जाजरदेवल की बर्फीली पहाड़ियों में पेट्रोलिंग के दौरान ऑक्सीजन लेवल कम होने से शहीद रतनलाल गुर्जर की मौत हो गई. जिसके बाद कल यानी गुरुवार देर रात शहीद का पार्थिव शरीर अजीतगढ़ थाने पहुंचा. जहां से आज उनके पैतृक गांव तक 30 किलोमीटर लंबी तिरंगा बाइक रैली निकाली गई. जिसके बाद उनके पांच साल के बेटे और वृद्ध पिता ने गमगीन सैल्यूट कर उनकी शहादत पर अश्रुपूर्ण विदाई दी.
14वीं बटालियन में तैनात थे शहीद रतनलाल गुर्जर
शहीद जवान रतन लाल गुर्जर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र के सांवलपुरा तंवरान की ढाणी लोहिया चुड़ला गांव के रहने वाले थे. वे 14वीं बटालियन आईटीबीपी में तैनात थे. उनके परिवार में उनकी मां आंची देवी, पिता और पत्नी बालेश देवी और तीन बच्चे हैं. रतन लाल गुर्जर के बड़े भाई रामपाल गुर्जर भी भारतीय सेना में तैनात थे और तीन साल पहले जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए थे. रतन लाल गुर्जर चार भाइयों में सबसे छोटे थे. उनके दो अन्य भाई मोहन गुर्जर और रोशन गुर्जर अपने पिता बीरबल गुर्जर के साथ खेतीबाड़ी का काम करते हैं. रतन लाल गुर्जर की शादी बालेश देवी (कोटपूतली) से हुई थी. उनके तीन बच्चे हैं- सबसे बड़ी बेटी तनु (8 साल), बेटा शुकाराम (5 साल) और छोटी बेटी काजू (2 साल).
एक महीने पहले ही छुट्टी पर आए थे घर
शहीद रतनलाल गुर्जर एक महीने पहले ही छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर लौटे थे. उन्होंने सुबह 7 बजे परिजनों से बात कर मिशन पर जाने की सूचना दी थी. साथ ही कहा था कि 3 मई 2025 को अपने बड़े शहीद भाई रामपाल गुर्जर की पुण्यतिथि पर घर आएंगे. लेकिन, कुछ ही घंटों बाद उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर घर लौटा. ग्रामीण अपने लाडले को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित हुए. शहीद के अंतिम संस्कार में कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे.
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Reporter: B L Saroj