Rajasthan News: गुजरात एटीएस के इनपुट पर दुबई में कुख्यात शराब तस्कर अनिल पांड्या की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि अनिल पांड्या राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर क्षेत्र स्थित खांजी का बास गांव का रहने वाला है और लंबे समय से गुजरात सहित कई राज्यों में शराब तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहा था. गुजरात एटीएस की टीम काफी समय से अनिल पांड्या की तलाश में थी. इस दौरान उसके दुबई में छिपे होने के संकेत मिले, जिसके बाद इंटरपोल की मदद से उसे वहां हिरासत में लिया गया.
सीकर जिले में दर्ज हैं 39 मुकदमे
हालांकि, आधिकारिक स्तर पर अभी पूरी प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है. सूत्र बताते हैं कि अनिल पांड्या के खिलाफ अकेले सीकर जिले में ही करीब 39 मुकदमे दर्ज हैं. इसके अलावा गुजरात, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी उस पर शराब तस्करी से जुड़े कई मामले दर्ज होने की बात कही जा रही है. बताया जाता है कि वह करीब दो दशक से इस अवैध धंधे से जुड़ा हुआ था और शराब तस्करी के साथ-साथ जमीनों पर कब्जे जैसे मामलों में भी उसका नाम सामने आता रहा है.
सांचौर जेल से फरार हुआ था अनिल पांड्या
अनिल पांड्या का नाम राजस्थान के बहुचर्चित बिरजू ठेकेदार हत्याकांड में भी जुड़ चुका है. उस मामले में गिरफ्तारी के बाद वह सांचौर जेल से फरार हो गया था. इसके बाद उसके बड़े शराब माफियाओं के संपर्क में आने और संगठित तरीके से तस्करी का नेटवर्क फैलाने की जानकारी सामने आती रही. सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2023 में एनआईए की टीम ने भी अनिल पांड्या के ठिकानों पर दबिश दी थी, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए थे. यह भी बताया जाता है कि शुरुआती दौर में वह चाय की दुकान पर काम करता था, लेकिन बाद में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा.
काली कमाई से गांव में बनाया बड़ा मकान
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अनिल पांड्या हरियाणा से शराब लाकर राजस्थान के रास्ते गुजरात पहुंचाता था और वहां प्रतिबंध के बावजूद ऊंचे दामों पर बिक्री करता था. इससे उसे भारी मुनाफा होता था. बताया जा रहा है कि उसने इस अवैध कमाई से गांव में महंगा मकान भी बनवाया. इस संबंध में सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत का कहना है कि अनिल पांड्या के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी था और गुजरात एटीएस के इनपुट पर उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिली है. फिलहाल पूरे मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है.
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